बाराबंकी। बरसात में सरयू की बाढ़ से बचाने के लिए चहलारीघाट-गणेशपुर व अलीपुर-रानीमऊ बांध को मजबूत बनाया जाएगा। कमजोर हुए बांध को मजबूत बनाने के लिए चार परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इस पर 21 करोड़ की धनराशि खर्च होगी। इससे सौ गांवों को सरयू की बाढ़ के प्रकोप से बचाया जा सकेगा।
तटवर्तीय गांवों को सुरक्षित करने वाले चहलारीघाट-गणेशपुर और अलीपुर-रानीमऊ बांध वर्तमान में कमजोर हो गए हैं। चार परियोजनाओं के तहत बांध के क्षतिग्रस्त स्पर को पुन स्थापित किया जाएगा। कार्य शुरू कराने के लिए 2.07 करोड़ रुपये की धनराशि भी जारी कर दी गई है। अलीपुर-रानीमऊ तटबंध सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र में पड़ता है। इससे दर्जनों गांव न केवल नदी के पानी से सुरक्षित रहते हैं। इस तटबंध के किमी 20.300 पर बह चुके स्पर को करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से पुनः स्थापित किया जाएगा, ताकि पानी का प्रवाह बांध को नुकसान न पहुंचा सके।
इसी बांध के निकट स्थित कोठारी गोरिया गांव में बाढ़ से सुरक्षा के लिए 4 करोड़ 56 लाख रुपये की लागत से अन्य कार्य कराए जाएंगे। इसके साथ ही रामनगर तहसील क्षेत्र से गुजरने वाले चहलारीघाट-गणेशपुर बांध के किमी संख्या 43.950 पर 6.42 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किया जाएगा। इसी बांध के किमी संख्या 43.414 से 43.740 के मध्य इसे मजबूत करने के लिए निर्माण कार्य किया जाएगा। इन सभी परियोजनाओं को बाढ़ खंड, बाराबंकी द्वारा क्रियान्वित किया जाएगा। अधिशासी अभियंता बाढ़ शशिकांत सिंह ने बताया कि इन कार्यों से बांध को मिलने वाली मजबूती से सौ गांव क्षेत्र बाढ़ के खतरे से सुरक्षित हो सकेंगे। (संवाद)
कटान रोकने के नाम पर करोड़ों का खर्च
बाराबंकी। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कटान रोकने और बांध को सुरक्षित रखने के नाम पर हर साल करोड़ की राशि खर्च की जाती है। सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र के टेपरा सराय सुरजन, भैरोकोल, दुर्गापुर जैसे गांवों को बचाने के नाम पर पिछले 5-6 वर्षों में लंबा-चौड़ा बजट पास कराया गया। हर साल करोड़ों खर्च होने के बावजूद, पिछले वर्ष रामनगर के केदारीपुर और बबुरी गांव सरयू नदी में समा गए थे।