बाराबंकी। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर अब कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी। इसके चलते ही स्कूली वाहनों की फिटनेस में ढिलाई बरतने वाले स्कूल संचालकों पर भी प्रशासन अब सख्ती बरतेगा। ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। यह चेतावनी जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने दी। वह शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विद्यालय परिवहन यान सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि स्कूली वाहनों को फिटनेस प्रमाणपत्र लेने के लिए 25 जुलाई तक की मियाद तय की गई है। तय मियाद के बाद शुरू होने वाली जांच में बिना फिटनेस प्रमाणपत्र के मिलने वाले स्कूली वाहनों से जुड़े विद्यालयों पर कार्रवाई शुरू होगी। जिन स्कूलों के वाहन सड़क पर चल रहे हैं, वह पूरी तरह से फिट और सुरक्षित होने चाहिए। बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसे लेकर किसी भी तरह की कोई लापरवाही नहीं चलेगी।
डीएम ने बैठक में मौजूद डीआईओएस और बीएसए को निर्देश दिए कि ऐसे सभी विद्यालयों की सूची तैयार करें, जिनके वाहन बिना फिटनेस के संचालित हो रहे हैं। 25 जुलाई के बाद उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जाए। इस बात पर भी चिंता जताई गई कि कई छात्र-छात्राएं नाबालिग होते हुए भी बाइक और स्कूटी से स्कूल आते हैं। निर्देश दिया गया कि विद्यालय प्रबंधन ऐसे बच्चों को जागरूक बनाने के लिए कार्यक्रम आयोजित करें और बच्चों से परिवहन नियमों का पालन कराएं। बैठक में उप जिलाधिकारी नवाबगंज आनंद कुमार तिवारी, ईओ नगर पालिका नवाबगंज संजय शुक्ला, एआरटीओ अंकिता शुक्ला समेत सड़क सुरक्षा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।