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दो स्वास्थ्य केंद्रों पर गायब मिला पूरा स्टाफ

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हैदरगढ़/त्रिवेदीगंज (बाराबंकी)। फर्स्ट रेफरल यूनिट और हाईवे के सरकारी अस्पतालों का हाल इतना खराब होगा इसका अंदाजा सीएमओ को भी नहीं था। हैदरगढ़ और त्रिवेदीगंज सीएचसी पर सीएमओ ने मंगलवार को औचक निरीक्षण किया तो यहां का हाल देख वह दंग रह गए। अधीक्षक समेत पूरा का पूरा स्टाफ गायब था। केवल इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर ही मौके पर मौजूद थे। सीएमओ ने सभी का एक दिन का वेतन काटने का आदेश दिया है। जबकि कुछ दिन पूर्व इस सीएचसी का डिप्टी सीएम भी निरीक्षण कर चुके हैं मगर यहां के हालात सुधरने के बजाए और बद से बदतर होते जा रहे हैं।
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सीएमओ डॉ. अवेधश कुमार यादव सुबह करीब 11 बजे सबसे पहले सीएचसी हैदरगढ़ का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां हाजिरी रजिस्टर देखा तो सबके सब गायब थे। जांच करने पर पता चला कि सीएचसी अधीक्षक डॉ. मुकुंद पटेल, डॉ. जयंती सिन्हा, डॉ. मोनिका शुक्ला, डॉ. प्रेम गुप्ता, डॉ. ओपी कुरील, डॉ. तनुज चौधरी तथा संविदा चिकित्सक डॉ. ज्योति सिंह, डॉ. रमाकांत, डॉ. सुप्रिया भारती, डॉ. किरन सिंह बिना सूचना के अनुपस्थित मिले।
इनके अलावा केंद्र पर तैनात 35 अन्य स्वास्थ्य कर्मी भी बिना कारण गायब पाए गए। दिन में 12 बजे तक ओपीडी होने के बाद भी पैथालॉजी, एक्सरे कक्ष, अल्ट्रासाउंड, डेंटल क्लीनिक बंद मिला। ओटी में सीलन व गंदगी के चलते वह ऑपरेशन करने की हालत में नहीं मिला। लेबर रूम में प्रसव व भर्ती मरीजों से संबंधित प्रपत्र पूरे नहीं थे तथा हर ओर गंदगी फैली थी।
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लेबर रूम के करीब एक शौचालय निष्प्रयोज्य मिला जबकि दूसरे का दरवाजा खुलते ही गंदगी व दुर्गंध के चलते वहां खड़े होना मुश्किल हो रहा था। वार्ड में भर्ती प्रसूता कनवा की सुषमा व लालपुर की शिवकुमारी को भोर में प्रसव हुआ था। पूछने पर बताया कि चाय, बिस्कुट मिला लेकिन खाना नहीं मिलता है। केंद्र पर करीब डेढ़ माह से वीगो नहीं होने से भर्ती मरीजों को बाहर से खरीद कर लाना पड़ता है। जबकि इमरजेंसी में तैनात डॉ. सुनील पंकज, फार्मासिस्ट अंबरीश व वार्ड ब्वाय मौजूद रहे।
रात की ड्यूटी में रहे पीएचसी सरांय गोपी के डॉ. अतीक अहमद भी मरीज देखते नजर आए। इसके बाद सीएमओ सीएचसी त्रिवेदीगंज पहुंचे। जांच के दौरान यहां पर तैनात डॉ. मनोज कुमार, डॉ. निखिल कुमार, डॉ. सुभ्रा, डॉ. सुहेल सिद्दीकी, डॉ. साजिया, डॉ. निधि वर्मा समेत आठ चिकित्सक और दो कर्मचारी बिना सूचना के गायब मिले।
ओपीडी के दौरान अस्पतालों से डॉक्टरों का अनुपस्थित रहना गंभीर है। अनुपस्थित मिले डॉक्टर और कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटते हुए जवाब तलब किया गया है। चेतावनी दी गई है कि दोबारा निरीक्षण में यदि सुधार नहीं दिखा तो सभी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेज दी जाएगी।
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-डॉ. अवधेश कुमार यादव, सीएमओ
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