बाराबंकी। कोविड काल में आपदा को अवसर मान कई अस्पताल संचालक पूरी तरह से मनमानी कर रहे हैं। ऐसे अस्पताल संचालकों पर स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। लाइसेंस का नवीनीकरण कराए बिना ही अस्पतालों का संचालन करने वाले ऐसे 15 संचालकों को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया गया है। एक सप्ताह में नवीनीकरण की प्रक्रिया नहीं पूरी करने पर ऐसे अस्पताल संचालकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की मानें तो जिले में पंजीकृत अस्पतालों की संख्या 110 है। लेकिन इनमें से कई अस्पतालों ने अभी तक अपने लाइसेंस का नवीनीकरण ही नहीं कराया हैं। इनमें जमुरिया नाले के निकट स्थित बाराबंकी नर्सिंगहोम, सतरिख नाके पर स्थित जैन नर्सिंगहोम, बड़ेल चौराहे के निकट संचालित सुमन हॉस्पिटल समेत 15 अस्पताल शामिल हैं। जिन्होंने विभाग के बार-बार कहने के बाद भी अपने लाइसेंस का नवीनीकरण कराना मुनासिब नहीं समझा।
विभाग ने ऐसे अस्पताल संचालकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है और इनके नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि एक सप्ताह के अंदर अस्पतालों ने अपने लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया तो इनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा जारी नोटिस के बाद ऐसे अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
जिले में पंजीकृत 15 अस्पताल ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक अपने लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया है। ऐसे अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में नवीनीकरण कराए जाने का आदेश दिया गया है। इसके बाद भी लापरवाही बरती गई तो ऐसे संचालकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. बीकेएस चौहान, सीएमओ