बाराबंकी। होमगार्ड भर्ती परीक्षा के पहले दिन शनिवार को जिले में अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजामों के बीच परीक्षा संपन्न हुई। 25, 26 और 27 अप्रैल तक चलने वाली इस तीन दिवसीय परीक्षा के लिए कुल करीब 18 हजार अभ्यर्थियों को बुलाया गया है।
पहले दिन ही 10 से 12 बजे फिर तीन से पांच बजे तक दो पालियों में छह हजार परीक्षार्थियों में से 30 फीसदी नहीं आए। परीक्षाथियों ने धूप से बचने के लिए सैंकड़ों की संख्या में जीआईसी ऑडीटोरियम में डेरा डाला। सूचना विभाग के कार्यालय में भी सुस्ताते नहर आए।
अजीमुद्दीन अशरफ इस्लामियां इंटर कॉलेज, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, राजकीय इंटर कॉलेज, जमील उर रहमान किदवई इस्लामिया गर्ल्स कॉलेज, जवाहर लाल नेहरू परास्नातक महाविद्यालय, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज सतरिख, राजकीय इंटर कॉलेज जाटा बरौली और राजकीय पालीटेक्निक जहांगीराबाद को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। पहले दिन परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही अभ्यर्थियों की लंबी कतारें नजर आईं, जहां कड़ी चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया गया।
डीएम ईशान प्रताप सिंह और एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने जनेस्मा व अजीमुद्दीन अशरफ इस्लामियां इंटर कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने एंट्री पॉइंट से लेकर परीक्षा कक्ष तक की हर व्यवस्था को परखा। सीसीटीवी निगरानी, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, अभ्यर्थियों की बैठने की व्यवस्था और कंट्रोल रूम के साथ समन्वय की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों ने किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि परीक्षा की लाइव निगरानी हो रही है।
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मानवीय चेहरा भी आया सामने
एक युवती गलती से जीजीआई सतरिख पहुंच गई, जबकि केंद्र शहर का जीजीआईसी था। उसने 122 नंबर पर काल की तो पीआरवी 5481 के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और सही केंद्र तक पहुंचाया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से युवती परीक्षा में शामिल हो सकी।
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पीसीएस व एसआई भर्ती जैसा लगा पेपर
अयाेध्या से जनेस्मा में परीक्षा देने आये रजनीश ने बताया कि पेपर का स्तर मध्यम से कठिन था, लेकिन जीके के सवालों ने काफी समय ले लिया। पंचवर्षीय योजनाओं के प्रश्नों ने उन्हें उलझा दिया। अमेठी के जगदीशपुर निवासी अनूप ने कहा कि परीक्षा का स्तर पीसीएस और एसआई भर्ती जैसा लगा। कई सवाल कठिन थे। सुल्तानपुर की माधुरी के अनुसार जीके के कठिन प्रश्नों में अधिक समय चला गया। हालांकि कुछ सवालों के उत्तर देने में आसानी रही। जीजीआईसी के बाहर अंबेडकरनगर की नेहा ने बताया कि इतिहास और पंचवर्षीय योजना से जुड़े प्रश्न अपेक्षा से ज्यादा कठिन थे।