बाराबंकी। जनपद के धान क्रय केंद्रों पर खरीद की प्रक्रिया में तेजी नहीं आ पा रही है। तहसील में सत्यापन की लंबी प्रक्रिया और आई स्कैनर मशीन की तकनीकी समस्याएं धान खरीद में मुख्य बाधा बनी हुई हैं। समस्या का निदान न होने के कारण कई किसान क्रय केंद्रों पर जाने के बाद निजी आढ़तों पर कम दाम में धान बेचने को मजबूर हैं।
दरियाबाद प्रतिनिधि के अनुसार एफसीआई के धान क्रय केंद्र खजुरी में मंगलवार को पंजीकरण प्रपत्र जमा करने पहुंचे अकबरपुर के किसान अभय तेलमा के किसान बहादुर ने बताया कि अगले माह का टोकन मिला है। जबकि गेहूं बोने के लिए पैसों की जरूरत अभी है। खजुरी-गोपालपुर गांव के किसान विनोद ने बताया कि धान बेचने का पंजीकरण कराने के बाद तहसील में सत्यापन के लिए चक्कर काट रहे हैं।
मथुरा नगर स्थित विपणन शाखा के दो केंद्रों पर 224 किसानों को टोकन जारी किया गया। प्रथम केंद्र पर 13 किसानों का 530 क्विंटल और दूसरे केंद्र पर 15 किसानों का 782 क्विंटल धान की खरीद हुई है। ऐसे में नए किसान लंबी तिथि के टोकन देख वापस लौट रहे हैं। विपणन शाखा के लालगंज क्रय केंद्र पर 136 किसानों को टोकन वितरण किया मगर अभी तक मात्र 12 किसानों का 550 क्विंटल धान खरीदा जा सका।
पीसीयू के मथुरानगर क्रय केंद्र पर 92 किसानों को टोकन वितरण किया गया है, पर मात्र सात किसानों का 146 क्विंटल धान खरीदा गया। यूपीएसएस के मिर्दही क्रय केंद्र पर 35 किसानों को टोकन के सापेक्ष मात्र सात किसानों का 400 क्विंटल धान की खरीदा गया। दरियाबाद के विपणन शाखा के क्रय केंद्र प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि टोकन वाले दो-तीन किसानों को तौल के लिए बुलाया जाता है।सिरौलीगौसपुर प्रतिनिधि के अनुसार विपणन शाखा के बदोसराय क्रय केंद्र पर किसान प्रमोद व पुष्पा देवी ने बताया कि उनके धान की तौल सोमवार को हो गई। लेकिन तौल ऑनलाइन नहीं हो पाई क्योंकि आई स्कैनर मशीन सत्यापन नहीं कर पा रही। जब तक आई स्कैनर मशीन किसान का सत्यापन नहीं करेगी, तब तक पैसा भी खाते में नहीं आएगा। इस केंद्र पर 47 किसानों से 2538 क्विंटल धान खरीदा जा सका है। केंद्र प्रभारी ने बताया कि जिन किसानों में आंख की बीमारी है उनकी आंखों को स्कैन करने में दिक्कत हो रही है।