फतेहपुर (बाराबंकी)। अधिवक्ताओं द्वारा काम न करने से फतेहपुर तहसील में 22 जुलाई से न्यायिक वादों की सुनवाई नहीं हो रही है। इसके चलते राजस्व कोर्ट में लंबित वादों पर तारीख मिलने से वादकारियों को काफी परेशानी उठाना पड़ रही है। वाद की सुनवाई के लिए तहसील पहुंचने वाले वादकारियों को तारीख लेकर लौटना पड़ रहा है। दोनों ही पक्षों के अड़े होने के कारण समस्या का समाधान नहीं निकल पा रहा है।
22 जुलाई को अधिवक्ता और एसडीएम के बीच एक मुकदमे के निस्तारण को लेकर कोर्ट कक्ष में कहासुनी हो गयी थी। एसडीएम का कहना था कि आठ साल पुराने मामले में अब वह साक्ष्य का कोई और मौका न देकर सीधे मुकदमे का निस्तारण करेंगे। जबकि संबंधित अधिवक्ता साक्ष्य दाखिल करने का मौका मांगते हुए बहस करने लगे। इस दौरान हुई नोकझोंक के बाद नाराज अधिवक्ताओं ने कार्य बहिष्कार का एलान कर एसडीएम का विरोध करना शुरू कर दिया। इस मामले में पदाधिकारी जिला मुख्यालय में डीएम से भी मुलाकात कर चुके हैं। लेकिन दोनों पक्षों में गतिरोध कायम रहने से वकीलों का कार्य बहिष्कार अभी भी कायम है।
इसके चलते तहसील से जुड़े सभी राजस्व कोर्ट में लंबित मुकदमा की सुनवाई नही हो पा रही है। तहसील आने वाले वादकारियों को तारीख लेकर वापस लौटना पड़ रहा है। एसडीएम कार्तिकेय सिंह ने बताया कि गतिरोध खत्म करने के लिए तहसील बार अध्यक्ष को 28 जुलाई को पत्र भेजकर वार्ता के लिए बुलाया गया था लेकिन बार एसोसिएशन की तरफ से बातचीत के लिए कोई नहीं आया। उधर, तहसील बार अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद वर्मा का कहना है कि इस मसले को सुलझाने के लिए उच्चाधिकारियों से बातचीत चल रही है।