बाराबंकी। जिले की सात हजार प्रसव पीड़िताओं को पिछले पांच माह से जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिल सका है। जबकि लाभार्थी और उनके तीमारदार योजना का लाभ पाने के लिए अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन जिम्मेदार इसको लेकर गंभीर नहीं दिखाई दे रहे हैं। यही कारण है कि लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जननी सुरक्षा योजना के तहत अप्रैल 22 से अब तक 11 हजार 101 प्रसव जिले के अलग-अलग अस्पतालों में हुए। परन्तु इनमें अभी तक महज चार हजार को ही योजना के तहत भुगतान किया गया है जबकि सात हजार लाभार्थी ऐसे हैं जिनके खाते में पांच माह बीतने के बाद भी योजना का पैसा नहीं पहुुंचा है।
वहीं लाभार्थी और इनके तीमारदार योजना का लाभ पाने के लिए अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं परन्तु जिम्मेदारों की लापरवाही इन पर भारी पड़ रही है। अस्पताल में मौजूद कर्मचारी लाभार्थियों को यह कहकर वापस कर दे रहे हैं कि अभी शासन स्तर से पैसा नहीं आया है। जब आएगा तभी खाते में भेजा जाएगा।
परन्तु कब तक भेजा जाएगा इसका जवाब देने को कोई तैयार नहीं है। बताते हैं कि पैैसा आता जाता है और वह पहले से बनी सूची के आधार पर लाभार्थियों के खाते में भेज दिया जाता है। कई माह से पैसा न आने के कारण इतने आवेदन लंबित हो गए हैं।
ग्रामीण को 1400 शहरी को एक हजार का लाभ
जननी सुरक्षा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र की रहने वाली प्रसूताओं को 1400 रुपये दिए जाते हैं जबकि शहरी क्षेत्र की प्रसूताओं को 1000 रुपये का लाभ दिया जाता है। कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ये पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में भेजा जाता है। जबकि पहले चेक के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था थी लेकिन अब ऐसा नहीं है।
जिले में अप्रैल से अब तक करीब 11 हजार प्रसव हुए हैं। इनमें से चार हजार प्रसूताओं के खाते में जननी सुरक्षा योजना का पैसा भेज दिया गया है। शासन स्तर से जैसे-जैसे राशि आती है वह सीधे लाभार्थी के खाते में भेज दी जाती है।
-डॉ. रामजी वर्मा, सीएमओ