बाराबंकी। स्वास्थ्य सुविधा बेहतर बनाने के लिए जिले में संचालित हेल्थ एटीएम खुद बीमार हैं। इलाज की दरकार पूरी न हो पाने से इनके माध्यम से होने वाली जांचे भी ठप पड़ी है। कही हेल्थ एटीएम में जांच के लिए किट नहीं है तो कही देखभाल न होने से मशीन खराब पड़ी है। ऐसे में बीते दो माह से बुखार के साथ ही फैले डेंगू, मलेरिया, टायफाइड के प्रकोप के कारण जरूरतमंदों को निजी पैथालॉजी केंद्रों पर जाकर महंगी जांच कराने की परेशानी उठाना पड़ रही है। लगातार शिकायत के बाद भी बेकार पड़े इन हेल्थ एटीएम का इलाज कर इन्हें क्रियाशील बनाने को लेकर विभागीय जिम्मेदार उदासीन बने हैं।
आमजन की सुविधा के लिए जिले में 11 अस्पतालों में हेल्थ एटीएम लगाए गए हैं। इसके लिए पैसा जनप्रतिनिधियों ने अपनी निधि से दिया था। बड्डूपुर, फतेहपुर, रामनगर, त्रिलोकपुर, मसौली, सूरतगंज, सिरौलीगौसपुर, टिकैतनगर, रामसनेहीघाट, कोठी और हैदरगढ़ हेल्थ एटीएम लगाए। इनके लगाए जाने का उद्देश्य यह था कि मरीज निजी पैथालॉजी पर न जाकर यही पर ब्लड प्रेशर, शुगर, हाईट, वेट, बीएमआई, हीमोग्लोबिन, लिक्विड प्रोफाइल, आंख, कोलेस्ट्राल समेत 32 प्रकार की सुलभ व सस्ती जांच की सुविधा मुहैया हो सके। इनके से कई के खराब होने और कई में किट न होने के कारण इनका संचालन बीते माह भर से ठप पड़ा है।
एसीएमओ डॉ. डीके श्रीवास्तव का कहना है हेल्थ एटीएम में इस्तेमाल होने वाली किट संबंधित अस्पतालों के अधीक्षकों को खरीदनी होती है।जांच के लिए जरूरी किट की खरीद समय पर क्यों नहीं हुई, इसकी जांच कराई जाएगी। साथ ही मरम्मत के अभाव में जहां मशीन खराब है उसे भी शीघ्र दुरुस्त कराया जाएगा।
सीएचसी पर तैनात अधीक्षक को जांच के लिए हेल्थ एटीएम में लगने वाली किट की खरीद करना होती है। परंतु इसके लिए उन्हें अलग से कोई बजट नहीं आवंटित होता है। इसी कारण सीएचसी अधीक्षक किट की खरीद में उदासीनता बरतते हैं। इसका खामियाजा सस्ती जांच सुविधा न मिल पाने से मरीजों को भुगतना पड़ता है। ज्यादातर अधीक्षकों का कहना है कि उन्हें किट खरीद के लिए अलग से कोई पैसा नहीं मिलता है।
सिरौलीगौसपुर सीएचसी पर लगा हेल्थ एटीएम शोपीस बना नजर आता है। यहां पर किट न होने की वजह से मरीजाें की जांच नहीं हो पाने से आने वाले मरीजों को बिना जांच के ही निराश होकर लौटना पड़ रहा है। सीएचसी फतेहपुर में लगे हेल्थ एटीएम में भी किट के माध्यम से होने वाली सभी तरह की जांच का काम बंद पड़ा है। हेल्थ एटीएम सिर्फ लंबाई नापने और वेट की जांच तक ही सिमट गया है। इसलिए अन्य जांचें मरीजों को महंगी दर पर कराना पड़ रही हैं। हैदरगढ़ सीएचसी में हेल्थ एटीएम मशीन जांच लैब के अंदर लगा दी गई है। जिससे यहां पर भी मरीजों को जांच संबंधी कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही यहां भी मशीन में किट की उपलब्धता न होने से जांच का काम बंद पड़ा है। सीएचसी रामनगर में लगी हेल्थ मशीन पिछले आठ माह से खराब पड़ी है और जिम्मेदार इससे बेखबर हैं। जिससे यहां पर आने वाले मरीजों को जांच की सुविधा नहीं मिल पाती है।