बाराबंकी। जिला पुरुष और महिला अस्पताल से इलाज की उम्मीद करना बेमानी होगा क्योंकि यहां पर तैनात डॉक्टर मरीज को गंभीर बता तुरंत रेफर का पर्चा थमा देते हैं। स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले इन दोनों अस्पतालों का हाल काफी खराब है। पिछले दो दिनों के अंदर दोनों अस्पतालों से करीब 24 मरीजों को गंभीर बता रेफर किया गया जबकि शहर के निजी अस्पतालों में ये मरीज अपना इलाज करा रहे हैं और पहले से बेहतर भी महसूस कर रहे हैं।
इस तरह से दोनों अस्पतालों में अप्रैल से अब तक करीब 3537 मरीजों को रेफर किया गया इनमें जिला पुरुष अस्पताल से 2194 और जिला महिला अस्पताल से 1343 मरीज रेफर किए जा चुके हैं। दोनों अस्पतालों की व्यवस्था पर पड़ताल करते हुए पेश है एक रिपोर्ट।
चार इंजेक्शन लगाए फिर गंभीर बता कर दिया रेफर
शाहपुर करेरा निवासी पंकज पत्नी निधि की हालत गंभीर होने पर उपचार के लिए बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचा। बताया कि इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सक ने देखा चार इंजेक्शन लगाए। एक घंटे बाद कहा कि इसकी हालत सुधर नहीं रही है इसे लोहिया ले जाओ और रेफर कर पर्चा थमा दिया।
ब्लडप्रेशर अधिक बता थमा दिया रेफर का पर्चा
बिशुनपुर निवासी अमित ने पत्नी को प्रसव पीड़ा पर जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया। अमित का आरोप है कि उसकी पत्नी को दो दिनों तक भर्ती रखा गया। बताया कि सिफारिश कराई तो डॉक्टर ने कहा ब्लडप्रेशर बहुत है आपरेशन संभव नहीं और रेफर का पर्चा थमा दिया। शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां आपरेशन से प्रसव हुआ।
हमारे पास महज दो सर्जन चिकित्सक है जिनके सहारे सीजेरियन कराए जाते हैं। डॉक्टरों की काफी कमी है। इसके बाद भी अस्पताल आने वाली प्रसव पीड़िताओं को बेहतर उपचार की सुविधा मिले इसका पूरा प्रयास रहता है। सिर्फ क्रिटिकल केस ही रेफर किए जाते हैं।
डॉ. प्रदीप कुमार, सीएमएस जिला महिला अस्पताल
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जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सभी संसाधन है, चिकित्सकों के साथ पर्याप्त मात्रा में दवाएं भी उपलब्ध हैं। मैं भी समय-समय पर इमरजेंसी का निरीक्षण करता रहता हूं। इमरजेंसी में तैनात सभी चिकित्सकों और कर्मचारियों को निर्देश है कि मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने का पूरा प्रयास करें अनावश्यक किसी मरीज को रेफर न किया जाए।
डॉ. ब्रजेश कुमार, सीएमएस, जिला पुरुष अस्पताल