बाराबंकी। हैदरगढ़-रामसनेहीघाट मार्ग करीब 11 मीटर चौड़ा होगा। इस सड़क को और मजबूत बनाया जाएगा। आबादी में सड़क की चौड़ाई करीब 12 से 13 मीटर तक होगी। लोक निर्माण विभाग ने इसका इस्टीमेट करीब-करीब तैयार कर लिया है। खास बात यह कि सड़क किनारे बने मकानों के बावत सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उम्मीद है कि इसी साल बजट मिलने पर निर्माण प्रारंभ कर दिया जाएगा।
हैदरगढ़ व रामसनेहीघाट दोनों तहसील मुख्यालय हैं। खास बात यह है कि हैदरगढ़ जहां लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे व पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ा है, वहीं रामसनेहीघाट लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर स्थित है। इन तीनों हाईवे को जोड़ने के लिए हैदरगढ़-रामसनेहीघाट मार्ग है जो करीब 30 किमी लंबा है।
हैदरगढ़-रामसनेहीघाट मार्ग पर करीब डेढ़ दर्जन कस्बे, चौराहे व बाजार हैं। रायबरेली, सुल्तानपुर, कानपुर, लखनऊ व अमेठी समेत कई जिलों के वाहन इसी मार्ग से अयोध्या, बस्ती, गोंडा, बहराइच व बलरामपुर आदि के लिए गुजरते हैं। रोजाना करीब 40 हजार वाहनों का आवागमन होता है।
तकरीबन 15 साल पहले इस मार्ग को चौड़ा किया गया था लेकिन वाहनों के दबाव व बढ़ती आबादी को देखते हुए इस अक्सर हादसे होते रहते हैं। इसी को लेकर दरियाबाद के विधायक व प्रदेश सरकार में खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री सतीश शर्मा ने इस सड़क को और बेहतर करने की पैरवी शुरू की थी।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी के पास यह प्रस्ताव रखा जिसके बाद लोक निर्माण विभाग ने सर्वे किया। सर्वे में चौड़ीकरण जरूरी पाया गया। अधिकारियों के अनुसार सड़क के चौड़ीकरण पर करीब 80 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। चौड़ीकरण प्रक्रिया में जन सामान्य को कोई परेशानी न हो, इसकी प्राथमिकता तय की गई है।
हटेंगे बिजली के पोल व अतिक्रमण
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार राय के अनुसार सड़क चौड़ी करने में किनारों पर गड़े बिजली के खंभे व अन्य निर्माण को विस्थापित किया जाएगा। इस काम में भी बजट में से भारी-भरकम धनराशि खर्च होगी।
सुगम होगा यातायात
हैदरगढ़-रामसनेहीघाट मार्ग को चौड़ा करने का प्रस्ताव है। यातायात को सुगम करने के साथ ही सड़क हादसों को रोकने के लिए यह प्रस्ताव दिया गया है।
- सतीश शर्मा, राज्यमंत्री