हैदरगढ़ (बाराबंकी)। बाराबंकी रेलवे स्टेशन के साथ ही जिले के हैदरगढ़ रेलवे स्टेशन की सूरत भी बदलने वाली है। राजधानी लखनऊ को वाराणसी से जोड़ने वाले रेलमार्ग पर पड़ने वाला यह एकमात्र रेलवे स्टेशन है। अमृत योजना के तहत स्टेशन को हाईटेक करने के लिए 22 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। इससे स्टेशन पर नया भवन, फुटब्रिज, नए शेड तो बनेंगे ही, स्वचालित सीढि़यां भी बनाई जाएंगी। वेटिंग रूम, शौचालय, पेयजल की सुविधाएं चाकचौबंद होंगी।
हैदरगढ़ स्टेशन से पूरे जिले के लोग सुल्तानपुर, जौनपुर, वाराणसी व मुगलसराय जंक्शन होकर बिहार, पश्चिम बंगाल, कोलकाता आदि तक सफर करते हैं। आजादी के पहले बनाए गए इस स्टेशन पर सुविधाओं के अभाव के कारण बहुत सी ट्रेनों का ठहराव नहीं होता। इससे रोजाना हजारों यात्री लखनऊ या अमेठी के निहालगढ़ स्टेशन तक दौड़ लगाते हैं। दशकों पुराने जर्जर भवन में स्टेशन का संचालन हो रहा है। एक दशक पहले रेलमार्ग के दोहरीकरण के बाद स्टेशन पर दो प्लेटफाॅर्म, फुटब्रिज, भवन, यात्रियों के बैठने, पेयजल आदि की सुविधाएं की गई थीं, लेकिन जरूरतों को देखते हुए यह नाकाफी हैं।
एक नंबर प्लेटफाॅर्म की लंबाई मात्र साढ़े तीन सौ मीटर है, जिससे सुपरफास्ट ट्रेनों के ठहराव में दिक्कत है। इसे लेकर सांसद उपेंद्र सिंह रावत ने पत्र लिखे तो केंद्र सरकार ने इसे अमृत योजना में चयनित किया। अधिकारियों के अनुसार 22 करोड़ रुपये की मंजूरी मिलने के बाद अब ट्रेनों के ठहराव के लिए प्लेटफाॅर्म की लंबाई 500 मीटर की जाएगी। नया भवन व कक्षों का निर्माण होगा। स्टेशन को हाईटेक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। स्टेशन इंचार्ज रामेश्वर प्रसाद मीना ने बताया कि पूरे स्टेशन की सूरत बदल जाएगी।
स्टेशन पर रुकती हैं केवल दो ट्रेनें
हैदरगढ़ रेलवे स्टेशन पर मात्र दो ट्रेन फरक्का एक्सप्रेस व मेमू रुकती हैं। मेमू लखनऊ की बजाय केवल उतरेटिया स्टेशन तक जाती है, जिससे लखनऊ जाने के लिए लोगों ने मेमू ट्रेन से सफर करना ही बंद कर दिया। पहले यहां वरुणा एक्सप्रेस रुकती थी, मगर उसका ठहराव भी बंद हो गया। ट्रेनों के ठहराव को लेकर लंबे समय से मांग हो रही है।