बाराबंकी। जिले की बेटियों ने फिर साबित कर दिया कि हुनर और मेहनत के दम पर कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। हर बड़े बदलाव की शुरुआत छोटे सपने से होती है और जब सपना मेहनत से जुड़ता है तो सफलता सामने होती है।
14 जुलाई को जीआईटीआई महुआमऊ में आयोजित रोजगार मेले में गुजरात की प्रतिष्ठित कंपनी आरआर मैनपावर सर्विसेज अहमदाबाद ने तीन होनहार छात्राओं का चयन किया था। बुधवार को लखनऊ में आयोजित विशेष कार्यक्रम में तीनों को सम्मानित किया गया।
आरआर मैनपावर सर्विसेज अहमदाबाद कंपनी में चयनित पूजा शर्मा, साधना शर्मा व माया लक्ष्मी की कहानी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है जो छोटे कस्बों से बड़े सपने देखते हैं। न सीमाएं रोकीं, न संसाधनों की कमी, बस मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास ने काम किया।
कंपनी प्रतिनिधियों ने खुले तौर पर कहा कि इन छात्राओं की दक्षता, व्यवहार और तकनीकी ज्ञान ने उन्हें खासा प्रभावित किया। नोडल आईटीआई महुआमऊ के प्रधानाचार्य आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि हमारी बेटियों ने साबित कर दिया कि हुनर और लगन हो तो कोई भी सीमा रास्ता नहीं रोक सकती। हमारे यहां की बेटियां सिर्फ पढ़ती ही नहीं बल्कि तकनीकी क्षेत्र में भी खुद को साबित कर रही हैं। यह सफलता पूरे जिले के लिए प्रेरणा है।
प्रमुख सचिव ने किया सम्मानित
हौसले बुलंद हों तो मंजिल खुद रास्ता बना लेती है। यह कहावत उस वक्त साकार हो गई जब बाराबंकी की तीन होनहार बेटियों पूजा शर्मा, साधना शर्मा व माया लक्ष्मी को नियुक्ति मिलने के बाद लखनऊ में प्रमुख सचिव व्यवसायिक शिक्षा कौशल विकास डॉ. हरिओम ने सम्मानित किया। यह सम्मान न केवल उनके परिवार और संस्थान के लिए गर्व का विषय है बल्कि जिले की बेटियों के बढ़ते आत्मविश्वास और कौशल विकास की दिशा में एक अहम उपलब्धि भी है।