बाराबंकी। एकतरफ जहां केंद्र और प्रदेश सरकार उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने के लिए ऋण से लेकर तमाम प्रकार की सहूलियतें दी जा रही हैं, वहीं बैंकों की मनमानी से उद्यमियों की राह में अड़ंगा लगा रही है। उद्यमियों से लिमिट खाते बंद कराने के नाम पर बैंक फोरक्लोजर चार्ज मांग रही है।
शहर के एक निजी बैंक में अग्रवाल फाउंड्री और प्रिया फूड उद्योग के मामले पिछले कई दिनों से लंबित चल रहे थे। आईआईए के डिवजीनल चेयरमैन प्रमित कुमार व एलडीएम विवेक कुमार के हस्तक्षेप के बाद एक प्रकरण बृहस्पतिवार को निस्तारित हुआ, जबकि एक में 30 अगस्त की तारीख मिली है।
वहीं लखनऊ के अलीगंज शाखा में आरएस फूड का मामला ढाई माह से लंबित है। ऐसे में अब आईआईए की ओर से आरपार की लड़ाई की तैयारी की जा रही है।
आरएस फूड इंडस्ट्री के अमन अग्रवाल ने बताया कि निजी बैंक शाखा अलीगंज से 1.20 करोड़ की लिमिट कराई थी, जिस पर करीब 87 लाख की आउटस्टैंडिंग है। दूसरी बैंक में खाता टेकओवर कराने पर उनसे दो प्रतिशत फोरक्लोजर चार्ज की मांग की जा रही है, जो एमएसएमई पॉलिसी के खिलाफ है। यह प्रकरण ढाई माह से लंंबित चल रहा है।
अग्रवाल फाउंड्री के अनुराग अग्रवाल का कहना है कि निजी बैंक बाराबंकी में फोर क्लोजर चार्ज मांगने पर पूरा ऋण 1.58 करोड़ जमा कर दिया गया था। दो माह प्रकरण लंबित रहने के बाद बृहस्पतिवार को दस्तावेज मिले हैं। कोविड काल में सरकार की ओर से दिए गए 32.5 लाख के ऋण पर बैंक ने सात लाख रुपये की एफडी करा ली थी।
प्रिया फूड उद्योग के चंद्रशेखर यादव का 60 लाख लिमिट खाता बाराबंकी के एक निजी बैंक में है। इन्होंने ऋण अदा कर दिया है और कोई बकाया नहीं है। 10 अगस्त को बैंक को पत्र लिखकर खाता बंद करने की मांग की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। शुक्रवार को एलडीएम विवेक कुमार के साथ बैंक गए, तब 30 अगस्त को खाता बंद करने को कहा है।
एक निजी बैंक के फोरक्लोजर चार्ज के मामले सामने आए थे, जिसके बाद बैंक जाकर एमएसएमई पॉलिसी से अवगत कराया गया। एक प्रकरण निस्तारित हो गया है, दूसरे में 30 अगस्त तक का समय दिया गया है। लखनऊ का प्रकरण उनके कार्यक्षेत्र से बाहर है।
- विवेक कुमार, एलडीएम