बाराबंकी। सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए ‘मिशन कर्मयोगी’ की शुरुआत की है। इस पहल के तहत जिले के अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों, संविदा कर्मियों और स्वयं सहायता समूह की दीदियों तक सभी के लिए डिजिटल शिक्षा अनिवार्य कर दी गई है। सरकार ने निर्देश दिया है कि प्रत्येक कर्मचारी को कम से कम छह डिजिटल कोर्स पूरे करने होंगे।
दो से आठ अप्रैल तक चल रहे साधना सप्ताह के अंतर्गत इस मिशन को लागू किया गया है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर क्राइम जागरूकता, डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास, प्रेजेंटेशन और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषय शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य है कि प्रशासनिक तंत्र आधुनिक तकनीकों से लैस हो और समाज में भी जागरूकता फैलाई जा सके।
इस अभियान के तहत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे डिजिटल प्रशिक्षण में देना अनिवार्य किया गया है। देवा ब्लॉक में भी इस निर्देश का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। बीडीओ डॉ. नेहा शर्मा ने बताया कि सभी कर्मचारियों को प्रशिक्षण के लिए प्रेरित किया गया है और नियमित रूप से इसकी निगरानी की जा रही है।