मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार देर शाम जारी प्रत्याशियों की सूची में कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप और विधायक रामगोपाल रावत को विधानसभा चुनाव का टिकट दिया है। बुधवार को सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की तरफ से जारी सूची में रामनगर से गोप के स्थान पर बेनीप्रसाद वर्मा के बेटे राकेश वर्मा को प्रत्याशी बनाया गया था। जैदपुर से रामगोपाल के स्थान पर बसपा से आए राम नरायण रावत का नाम था।
कैबिनेट मंत्री अरविंद सिंह गोप और जैदपुर विधायक रामगोपाल रावत का नाम बुधवार को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव द्वारा जारी की गई प्रत्याशियों की सूची में नहीं था। बृहस्पतिवार को सीएम अखिलेश ने अपने प्रत्याशियों की जो सूची जारी की है, उसमें अरविंद सिंह गोप व विधायक रामगोपाल रावत को विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए अधिकृत किया गया है।
सीएम की सूची जारी होने के बाद जिले में एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सपा समर्थक भी इस असमंजस में पड़ गए हैं कि आखिर किसके पाले में हाजिरी दर्ज कराई जाए।
चाचा-भतीजे की लड़ाई के बाद से गोप सीएम अखिलेश यादव के काफी करीब होते गए। इसी का नतीजा था कि लखनऊ में जब सीएम ने रथ यात्रा निकाली थी तो उसका संचालन भी गोप ने किया था। नोटबंदी के बाद जब बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लखनऊ में प्रदर्शन किया तो वहां भी गोप अखिलेश के प्रतिनिधि के रूप में मौजूद थे।
इसीलिए गोप का टिकट कटना मुख्यमंत्री के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था। बेनीप्रसाद वर्मा से अपनी दोस्ती निभाते हुए मुलायम ने गोप के स्थान पर उनके बेटे राकेश वर्मा को रामनगर से प्रत्याशी घोषित किया है।
अब जिले में अखिलेश व मुलायम के घोषित प्रत्याशियोें में कौन बाजी मारेगा, यह तो आने वाला वक्त बताएगा। लेकिन जिले के नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। इस मामले में सपा के जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।