देवा (बाराबंकी)। पिछले साल जिन किसानों ने आलू शीतगृहों में रखा उन्हें ढाई हजार रुपये क्विंटल तक का भाव मिला। इस बार भी आलू के भाव अच्छे रहे। खेत से ही किसान 12 सौ रुपये क्विंटल तक की दर से आलू को बेच कर अच्छा मुनाफा कमा चुके हैं। अब शीतगृहों में भंडारण से भी उन्हें आलू के अच्छे दाम मिलने की उम्मीद है।
देवा व फतेहपुर क्षेत्र को आलू पट्टी के बतौर जाना जाता है। यहां के किसानों को अधिकांशत: आलू की खेती से अच्छा मुनाफा होता रहा है। इसके चलते ही इस बार भी अधिकांश किसान आलू का भंडारण शीतगृहों में कर चुके हैं। इस साल जिले में करीब 25 हजार हेक्टेयर में करीब 62 लाख 50 हजार क्विंटल आलू उत्पादन होने का अनुमान है। जिला उद्यान अधिकारी धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जिले में 72 कोल्ड स्टोर संचालित हुए हैं। इनमें से करीब 25 स्टोर आलू भंडारण के कारण हाउसफुल हो चुके हैं। जबकि बाकी अन्य में 80 प्रतिशत तक आलू भंडारण किया जा चुका है।
बताया कि संचालित कोल्ड स्टोर में आलू की भंडारण क्षमता 7.32 लाख मीट्रिक टन है। अभी तक किसानों ने करीब 5.71 लाख मीट्रिक टन आलू शीतगृहों में भंडारित किया जा चुका है। किसानों ने भंडारण से पहले खेत से आलू खोदकर सीधे बाजार में बेचा भी है। उत्पादन का औसतन 10 प्रतिशत आलू किसान घर में रखते हैं। वर्तमान में आलू का भाव 1250 रुपए प्रति क्विंटल का है।