बाराबंकी। हत्या के मामले में वाराणसी जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दो कैदियों की समय से पहले रिहाई का आदेश जारी कर दिया गया है। यह रिहाई जेल में अच्छे आचरण के कारण की गई है।
रामनगर क्षेत्र के बरौलिया गांव निवासी कुबेर को हत्या के मामले में वर्ष 1984 में अपर जिला सत्र न्यायाधीश की ओर से आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया गया था। वर्ष 2013 में हाईकोर्ट से भी उसे राहत नहीं मिली। कुबेर 2014 से वाराणसी जेल में कैदी नंबर 170 के रूप में बंद है। यह अब तक 10 साल छह महीने की सजा भोग चुका है। मगर जेल में अच्छे आचरण को देखते हुए शासन ने उसकी बाकी सजा का परिहार करते हुए मुक्त करने का आदेश दे दिया। इसके लिए उसे दो जमानतें देनी होंगी।
इसी प्रकार सफदरगंज क्षेत्र के बेचू का पुरवा मजरे बेरी गांव निवासी देवीसरन वर्मा को वर्ष 1994 में हत्या के मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश की ओर से आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वर्ष 2004 में हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने उसकी सजा को यथावत रखा था। लेकिन संतोषजनक आचरण को देखते हुए देवीसरन की शेष सजा का परिहार कर समय से पहले रिहा करने का आदेश शासन ने दिया है। बता दें कि आजीवन कारावास के मामलों में कैदी के अच्छे आचरण को देखते हुए व उसके रिहा होने के बाद समाज को कोई खतरा नहीं होने की संभावना के तहत कैदियों को सजा पूरी होने से पहले रिहा करके राहत दे दी जाती है।
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