बाराबंकी। उमस भरी गर्मी के बीच शुक्रवार देर रात हुई झमाझम से लोगों को काफी राहत मिली। तेज हवाओं के साथ रुक-रुक कर शनिवार सुबह तक हुई बरसात के दौरान सुबेहा में एक कच्ची दीवार गिरने से इसके मलबे में दबकर 11 साल की बच्ची की मौत हो गई जबकि पांच अन्य लोग बाल बाल बच गए। तेज बरसात के कारण शहर के लखपेड़ाबाग, लक्ष्मणपुरी, दशहराबाग, हजाराबाग, जलालपुर, पल्हरी, नबीगंज समेत कई मोहल्लों में सड़कों पर निचली जगहों पर पानी भर गया। जिला अस्पताल, बस स्टेशन व कई थानों के साथ स्कूलों में जलभराव हो गया।
सुबेहा थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत टिकरहुंआ मजरे बडी मेंहदिया गांव में शुक्रवार की रात मंजू की पुत्री रुबी (11) छप्पर के नीचे चारपाई पर सो रही थी। मंजू के साथ पुत्री रुचि (16), अनूबी (12), दीपांशी (4) व पुत्र अनूप (3) व अजीत (2) भी दूसरे बिस्तरों पर लेटे थे। शनिवार तड़के करीब चार बजे छप्पर वाली कच्ची दीवार का एक हिस्सा गिरा और रूबी उसी के मलबे में दब गई। ग्रामीण जब तक मलबा हटाते तब तक रुबी की मौत हो चुकी थी। मंजू के पति श्रीकृष्ण यादव की मौत डेढ़ वर्ष पूर्व हो चुकी है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद इसे परिजनों के हवाले कर दिया।
तीन माह बाद 31 डिग्री पहुंचा अधिकतम पारा
बदली व बरसात से लोगों को धूप के साथ उमस व गर्मी से काफी राहत मिली है। तीन माह बाद शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान गिरकर 31 डिग्री पहुंच गया। जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री रिकार्ड किया गया। इससे पहले मार्च के दूसरे व तीसरे सप्ताह में ही पारा 30 डिग्री को पार कर गया था। जिसके बाद अप्रैल, मई व 28 जून तक तापमान 35 से 45 डिग्री रहा। मौसम विभाग ने रविवार को घने बादल छाए रहने हल्की से मध्यम बरसात का संभावना जताई है।
किसानों के चेहरे खिले, रोपाई ने पकड़ा जोर
जिले में करीब पौने दो लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की खेती होती है। झमाझम बरसात से धान किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। उन्होंने खेतों में नर्सरी बनाकर बेरन के साथ अगेती खेती करने वाले किसानों ने रोपाई की तैयारी भी शुरू कर दी है। जिला कृषि अधिकारी राजितराम ने बताया कि बरसात से धान की रोपाई तेजी होगी।