बाराबंकी। बनवसा से 2.13 लाख क्यूसेक पानी छोडे़ जाने की जानकारी के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। घाघरा नदी के जलस्तर पर बराबर नजर रखने के लिए बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को पूरी तरह से अलर्ट कर दिया गया है। बताते चले कि घाघरा नदी के बढ़े जलस्तर से जिले की चार तहसीलों की आबादी प्रभावित होती रही है, लेकिन नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से ढाई मीटर नीचे बह रहा है।
नेपाल के बनवसा से शारदा बैराज में 2.13 लाख क्यूसेक पानी छोड़ जाने की सूचना जिला प्रशासन को मिली है। इस सूचना के बाद जिला प्रशासन घाघरा नदी के जलस्तर को लेकर पूरी तरह से हरकत में आ गया है। चार तहसीलों रामनगर, फतेहपुर, सिरौलीगौसपुर और रामसनेहीघाट में बनी बाढ़ चौकियाें पर तैनात कर्मचारियों को पूरी तरह से एलर्ट कर दिया गया है। सभी एसडीएम को घाघरा नदी के जलस्तर पर बराबर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। बतातें चले कि नेपाली पानी हमेशा जिले की इन चार तहसीलों के लिए मुसीबत बनता रहा है। यहां की हजाराें की आबादी और सैकड़ों बीघा फसल इसकी भेंट चढ़ती रही है। कई कई दिनों तक लोगों को घरों की छतों पर तटबंधों पर या फिर मचान बनाकर उन पर जीवन गुजारना पड़ता है। लेकिन इस बार जिला प्रशासन घाघरा में आने वाली बाढ़ को लेकर पूरी तरह से सतर्क है।
नेपाल के बनवसा से शारदा बैराज में 2.13 लाख क्यूसेक पानी छोड़ जाने की सूचना जिला प्रशासन को मिली है। जिसके चलते जितनी भी बाढ़ चौकियों पर कर्मचारियों की तैनाती है उनको पूरी तरह से एलर्ट कर दिया गया है। इसके अलावा प्रभावित होने वाले क्षेत्र के सभी एसडीएम को घाघरा नदी के जलस्तर पर बराबर नजर रखने के आदेश दिए गए हैं।
- हरिकेश चौरसिया, अपर जिलाधिकारी