घाघरा नदी का जलस्तर लाल निशान को पार गया है। नदी का पानी एक सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है जिससे तराई में हड़कंप मच गया है। उधर, कचनापुर में नदी के चपेट में आए प्राथमिक विद्यालय नदी में समा गया है। यदि यही हाल रहा तो विद्यालय का अस्तित्व किसी भी समय समाप्त हो सकता है। वहीं नदी के बढ़ते जलस्तर को देख प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है।
घाघरा नदी का पानी खतरे के निशान 106.076 से बढ़कर 106.156 पर पहुंच गया है। नदी का पानी एक सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। नदी के तेवर देख तराई में रह रहे लोगों में हड़कंप मच गया है। लोगों का कहना है कि नदी का पानी जिस रफ्तार से बढ़ रहा है अगर यही हाल रहा तो सूरतगंज इलाके के कई गांवों के किनारे तक पानी पहुंच जाएगा। पिछले दो माह के अंदर नदी का पानी कई बार लाल निशान को पार कर तराई में दहशत फैला चुका है। गनीमत ये है कि अभी तक इससे किसी प्रकार का कोई खास नुकसान नहीं हुआ।
उधर कचनापुर प्राथमिक विद्यालय नदी की चपेट में आ गया है। विद्यालय का आधा भाग पानी में समाकर ढह गया है और जिस तरह से नदी का पानी बढ़ रहा है यही हाल रहा तो किसी भी समय विद्यालय का पूरा भाग नदी में समा सकता है। लोगों का कहना है कि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को पहले ही दूसरे विद्यालय में भेज दिया गया था। जब विद्यालय नदी की चपेट में आया था तो बीइओ आए थे और विद्यालय के खिड़की और दरवाजे सब निकलवा ले गए।
रजिया का घर नदी की कटान की चपेट में आ गया था जिस पर एडीएम ने मौके पर पहुंच यथा संभव मदद भी दी गई थी। उधर नदी के बढ़ते जलस्तर को देख प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ खंड के अधिकारियों को बढ़ते नदी के जलस्तर पर बराबर नजर रखने को कहा गया है।
घाघरा नदी का पानी एक बार फिर लाल निशान को पार कर गया है। नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देख बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को पूरी तरह से अलर्ट कर दिया गया है। बाढ़ खंड के अधिकारियों को नदी के जलस्तर पर बराबर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- हरिकेश चौरसिया एडीएम