बाराबंकी। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए बुनियादी ढांचे और ग्रामीण विकास की निगरानी व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। पीएम गतिशक्ति और धारा पोर्टल के जरिये सरकारी धन के दुरुपयोग, बजट की हेराफेरी और एक ही कार्य के दोहराव पर अंकुश लगाया जाएगा। प्रदेश में विकास कार्यों को डिजिटल तकनीक से जोड़कर पारदर्शिता और गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं को रोककर योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाना है।
गतिशक्ति पोर्टल पर दर्ज होंगे बड़े प्रोजेक्ट
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), यूपीडा, लोक निर्माण विभाग और सेतु निर्माण से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट पीएम गतिशक्ति पोर्टल से जोड़े जाएंगे। पोर्टल पर विभागों के स्वीकृत और प्रस्तावित कार्यों का पूरा ब्योरा दर्ज होगा। जीआईएस मैपिंग के माध्यम से निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति नक्शे पर दिखाई देगी। किसी स्थान पर सड़क या सेतु का काम एक विभाग से स्वीकृत होने पर दूसरे विभाग को उसी स्थान पर दोबारा काम स्वीकृत करने की अनुमति सिस्टम नहीं देगा। इससे एक ही काम को दो बार दिखाकर बजट निकालने की संभावना पर रोक लगेगी।
गांवों में बनेगा पांच साल का मास्टर प्लान
ग्रामीण क्षेत्रों में वीबी रामजी (विकसित भारत-जी राम जी) योजना के तहत अब पंचायतों में वार्षिक योजना के बजाय पांच साल का पंचवर्षीय मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। पंचायत सचिव रोस्टर के अनुसार घर-घर जाकर वंचित परिवारों से संवाद करेंगे और दिनवार योजना तैयार करेंगे। योजना में कुल 375 प्रकार के कार्य शामिल किए गए हैं। भू-जल स्तर सुधारने के लिए वाटर रिचार्जिंग और जल संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी।
स्वीकृत प्लान को धारा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इससे गांव का कोई भी नागरिक ऑनलाइन नक्शे और सूची के माध्यम से यह देख सकेगा कि कौन से कार्य पूरे हो चुके हैं और कौन से प्रस्तावित हैं। इससे योजनाओं की निगरानी में ग्रामीणों की भागीदारी भी बढ़ेगी।
12 अक्तूबर को विशेष रोजगार सृजन दिवस
ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त प्रमोद कुमार उपाध्याय के अनुसार, योजना लागू होने के तीन माह बाद भी प्रदेश की प्रगति लक्ष्य के सापेक्ष 56 प्रतिशत ही है। प्रगति में सुधार और श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए 12 अक्तूबर 2026 को पूरे प्रदेश में विशेष रोजगार सृजन दिवस मनाया जाएगा। इस दिन शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के लिए ड्रोन से वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराई जाएगी।
वर्जन
विकसित भारत 2047 की परिकल्पना को साकार करने के लिए वीबी रामजी योजना के तहत पांच साल का समावेशी प्लान बनाया जा रहा है। पीएम गतिशक्ति और धारा पोर्टल के माध्यम से पूरी योजना की जीआईएस मैपिंग होगी, जिससे कार्यों का दोहराव रुकेगा। 12 अक्तूबर को विशेष रोजगार सृजन दिवस पर अधिक से अधिक श्रमिकों को काम दिया जाएगा।’’
-विकास मिश्र,
उपायुक्त, श्रम रोजगार