बाराबंकी। थाना क्षेत्र मोहम्म्दपुर खाला में सूरतगंज कस्बा स्थित आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में व्यापार के नाम लाखों रुपये डकारने के आरोपी तत्कालीन मैनेजर, बैंक मित्र समेत पांच लोगों पर गैंगस्टर का केस दर्ज किया गया है। खास बात यह है कि दो साल पहले बैंक मैनेजर पर केस दर्ज कराने वाला वादी दुकानदार ही गैंगस्टर में गिरोह का सरगना है। पुलिस इन सबकी अपराध से अर्जित संपत्तियां कुर्क करेगी।
कस्बा सूरतगंज में किराना की दुकान चलाने वाले अनिल कुमार ने 12 नवंबर 2022 को तत्कालीन बैंक मैनेजर रामलाल, बैंक मित्र विनय शुक्ल व मोनू मिश्रा के खिलाफ धोखाधड़ी व गबन का केस दर्ज कराया था। अनिल को पांच लाख रुपये का ऋण दिलाने की बात कह चार लाख 80 हजार रुपये ही दिए गए।
अनिल ने तीन किस्तों में 40 हजार जमा भी कर दिए लेकिन बैंक से उसे नौ लाख 50 हजार रुपये का व्यवसाय ऋण लेने का नोटिस जारी हुआ। तब तक बैंक मैनेजर रामलाल का तबादला हो गया था।
डीएम के निर्देश पर एलडीएम व ग्रामोद्योग अधिकारी ने जांच की। पुलिस ने जांच में कई अन्य लोगों के नाम पाए। 20 मार्च 2023 को आरोप पत्र भी कोर्ट में दाखिल हो गया। अब मोहम्म्दपुर खाला के एसएचओ ने गबन के इस मामले में पांच लोगों पर गैंगस्टर का केस दर्ज किया है।
एसएचओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि इस गिरोह का सरगना अनिल कुमार ही है। अनिल के साथ रुहेरा गांव निवासी विनय शुक्ला, बाबा का पुरवा गांव निवासी तत्कालीन बैंक मित्र शिवओम मिश्रा उर्फ मोनू मिश्रा, तत्कालीन बैंक मैनेजर रामलाल, भटुवामऊ गांव निवासी अजहरुद्दीन के खिलाफ गैंगस्टर का केस दर्ज किया गया है।