संविदाकर्मियों को अधिकार दिलाने के लिए पारख महासंघ व भाजपा सांसद ने हुंकार भरी है। इसके लिए संघ ने अधिकार दिलाओ रथ यात्रा की शुरुआत की है। सोमवार के इस बाबत गांधी भवन परिसर में सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें सांसद ने कहा कि जो अधिकार दिलाएगा वह प्रदेश चलाएगा।
सम्मेलन से पारख महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष व भाजपा सांसद कौशल किशोर ने कहा कि संविदाकर्मियों को अधिकार दिलाने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। इसका सीधा सा उद्देश्य यह कि जो अधिकार दिलाएगा वह प्रदेश चलाएगा। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री व सहायिकाएं आंगनबाड़ी केंद्रों पर अपनी ड्यूटी पूरी मुस्तैदी से कर रही हैं। लेकिन उन्हें साढ़े तीन हजार रुपये तक ही मानदेय दिया जा रहा है। सहायिकाओं का मानदेय तो और भी कम है। संविदा पर एएनएम की भर्ती कर उनसे पूरा काम लिया जा रहा है लेकिन मानदेय स्थायी कर्मियों के सापेक्ष कम है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा प्रेरक तैनात हैं लेकिन उन्हें महज दो हजार रुपये ही मानदेय दिया जा रहा है। होमगार्ड से भी पूरी ड्यूटी
ली जाती है लेकिन मानदेय के नाम पर बहुत कम पैसे दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि समान कार्य के लिए समान वेतन मिलना चाहिए। उन्होंने बताया कि रथ यात्रा बाराबंकी से अमेठी, रायबरेली उन्नाव होते हुए हरदोई जाएगी। इस रथ यात्रा का पहिया चलता रहेगा।
सम्मेलन को सांसद प्रियंका सिंह रावत ने भी संबोधित किया। कहा कि लोगों को महिला शक्ति को कम नहीं समझना चाहिए। लोगों द्वारा कुछ विशेष लोगों को ही आयरन लेडी कहा जाता है लेकिन मेरी नजर में सभी महिलाएं आयरन लेडी हैं। उन्होंने महिलाओं को अधिकारों के लिए एक जुट होने और संघर्ष करने और रथ यात्रा को सफल बनाने की अपील की। इस मौके पर सांसद के प्रतिनिधि राजेश वर्मा, उपेंद्र रावत, शरद अवस्थी आदि लोग मौजूद रहे।