कई शहरों में फैला रखा है जाल
छानबीन में सामने आया कि गिरोह ने कई शहरों में जाल बिछा रखा है। सबसे पहले बेरोजगार युवाओं को वाराणसी बुलाया जाता। यहां रजिस्ट्रेशन और साक्षात्कार के नाम पर 30 से 35 हजार रुपये जमा कराए जाते थे। फिर सामान्य किट थमाकर अलग-अलग शहरों में भेज दिया जाता था। सभी से तीन लोगों को जोड़ने के लिए कहा जाता था। ऐसा नहीं करने पर वेतन न दिए जाने की धमकी दी जाती थी। ठहरने की व्यवस्था गिरोह की ओर से ही की जाती थी।
विदेश घुमाने, लग्जरी गाड़ियों का देते थे लालच
पूछताछ में युवतियों ने बताया कि टारगेट पूरा करने पर उन्हें विदेश घुमाने और लग्जरी गाड़ियां खरीदकर देने का लालच दिया जाता था। कोई विरोध करता तो उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। खास बात है कि युवाओं को आपस में बात करने की भी मनाही थी। पीड़ितों में ज्यादातर बिहार के गोपालगंज के रहने वाले हैं। गिरोह का सरगना बिहार का दीपक शाह है, जिसके खाते में सात महीने में चार करोड़ रुपये का लेनदेन सामने आया है।
महादेव इंटरप्राइजेज के नाम से खोली फर्जी कंपनी
गिरोह ने महादेव इंटरप्राइजेज के नाम से फर्जी कंपनी खोल रखी थी। इसके अलावा रॉयल हेल्थ इंडिया, रॉयल हेल्थ वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी की फ्रेंचाइजी भी ली थी। अब तक की जांच में पता चला है कि गिरोह ने करीब एक हजार बेरोजगारों से करोड़ों रुपये ठगे हैं। सरगना दीपक की उम्र 31 वर्ष है। उसने चार राज्यों के दो हजार से अधिक लोगों को गिरोह से जोड़ा था।
हॉस्टल संचालक ने 60 लोगों को रखने से किया इन्कार
हॉस्टल संचालक अमित शुक्ला ने बताया कि गिरोह से जुड़ा अभिषेक शनिवार सुबह 60 लोगों को लेकर हॉस्टल पहुंचा था। हॉस्टल में इतने लोगों को रखने की जगह नहीं थी। इस कारण उन्होंने मना कर दिया। अभिषेक इससे पहले भी प्रशिक्षण दिलाने के नाम पर युवक-युवतियों को हॉस्टल ला चुका है। पुलिस अभिषेक और उसके साथ आए अन्य ट्रेनी के बारे में पता लगा रही है।