बाराबंकी। बिजली का बिल कम कराने के नाम पर कर्मचारियों की मिलीभगत से उपभोक्ताओं व पावर लूम चलाने वाले व्यापारियों को लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा था। पुलिस ने दो शातिरों को दबोचते हुए लैपटॉप व फर्जी बिजली बिल व रसीदें बरामद की हैं। इनसे पूछताछ में पावर कार्पोरेशन के एक एसडीओ का नाम सामने आ रहा है। पुलिस छानबीन में जुटी है।
बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित प्रेस-कान्फ्रेंस में एएसपी दक्षिणी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह ने यह खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जैदपुर में लूम संचालित करने वाले चार व्यापारियों ने एक के बाद एक शिकायत की थी कि बिजली का बिल कम कराने के नाम पर कुछ लोगों ने उनसे करीब 4.74 लाख रुपये ले लिए। इन सभी के केस दर्ज हुए थे।
जांच में सर्विलांस व स्वाट टीम भी लगाई गई। मैनुअल इंटेलीजेंस व डिजिटल डेटा के आधार पर पुलिस टीम ने रामसनेहीघाट थाना क्षेत्र के मेडुवा गांव निवासी महेश कुमार व राजपुर गांव के मो. असलम को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में इन्होंने बताया कि ये लोग पावर लूम चलाने वाले व्यापारियों को टारगेट करते थे। उनको बिजली बिल कम कराने का झांसा देते थे। इसके बाद फर्जी बिल व रसीदें तैयार कर उन्हें दे देते थे।
एएसपी ने बताया कि यह फर्जीवाड़ा बिजली विभाग के कर्मियों से सांठ-गांठ से होता था। असलम ने यह भी बयान दिया कि उसने रामसनेहीघाट डिवीजन के एक एसडीओ को भी पैसा दिया। पुलिस ने दोनों शातिरों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस अब पावर कार्पोरेशन के एसडीओ व कर्मचारियों की मिलीभगत की जांच कर रही है।
इनसे हुई बिल के नाम पर हुई लाखों की ठगी
जैदपुर कस्बे के बड़ापुरा मोहल्ला निवासी व्यापारी रईश अहमद से बिजली बिल कम कराने के नाम पर 1,22,000 रुपये ले लिए गए। 18 जून को केस दर्ज हुआ। जैदपुर के ही अमीम से 1,56,000 रुपये, मो. बिलाल से 31,000 रुपये लिए गए। यहीं के असीरुद्दीन से 1,65,000 रुपये वसूल लिए गए। इन सभी मामलों में अमानत में खयानत व ठगी के केस दर्ज हुए थे। विवेचना में रसीद व फर्जी बिल मिलने के कारण कूटरचना व फर्जी दस्तावेज तैयार करने की धाराएं बढ़ाई हैं।