बाराबंकी। शहर की एक जमीन की दोबारा रजिस्ट्री कराने के आरोप में बाइक शोरूम के मालिक समेत तीन के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचना का केस शहर कोतवाली में दर्ज किया गया है। इन पर सजिश रचने व धमकी देने का भी आरोप है। पुलिस छानबीन में जुटी है।
शहर के मोहल्ला भितरी पीरबटावन निवासी इकराम ने एसपी को शिकायती पत्र देकर बताया कि शहर में एक जमीन इनके पिता जमाल वारिस व तीन चाचा और एक अन्य ने वर्ष 1967 में राजा जमाल रसूल खां से खरीदी थी, जिसका वर्ष 1969 में नगर पालिका से दाखिल-खारिज भी हो गया। इस जमीन पर इकराम व बाकी हिस्सेदार 56 साल से काबिज हैं। जमीन में कंपाउंड, एक पुरानी कोठी व दुकानें बनी हैं। कोठी के आसपास जमीन खाली पड़ी है।
इकराम ने पत्र में बताया कि मो. उमर वारसी की निगाह पुरानी कोठी व जमीन पर लगी थी। वर्ष 2021 में कूटरचित दस्तावेज तैयार करके इरफान महमूद आदि लोगों से वर्ष 1967 में हो चुकी जमीन की रजिस्ट्री फिर करा ली। कुछ हिस्सेदार भी इसमें मिले हैं। जमीन का एग्रीमेंट भी करवा लिया है। इकराम ने बताया कि वह कोलकाता में रहते हैं। आरोपी द्वारा संपत्ति पर कब्जे की कोशिश की जा रही है। आरोपियों में उमर वारसी शहर में बाइक शोरूम के मालिक हैं। कोतवाल संजय मौर्य ने बताया कि एसपी के आदेश उमर वारसी, इरफान महमूद, राजेश यादव पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
जमीन बेचने के नाम पर 13 लाख ठगे
बाराबंकी। शहर के मोहल्ला रसूलपुर निवासी रजत राजपूत ने एसपी को शिकायती पत्र देकर बताया कि जमीन के नाम पर उनसे 13 लाख रुपये ठग लिए गए। बताया कि बस्ती गांव निवासी प्रमोद कुमार ने अपने गांव में दूसरे की जमीन को अपनी कंपनी प्रिंस ग्रीन सिटी की जमीन बताकर 1800 वर्ग फीट का प्लॉट 13 लाख रुपये में देने की बात कही थी। किस्तों में नकद रुपये लेने के बाद रजिस्ट्री नहीं की। मौके पर कोई जमीन नहीं मिली। विरोध करने पर 13 लाख रुपये की चेक दी जो बाउंस हो गई। शहर कोतवाली पुलिस ने आरोपी पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।