रामसनेहीघाट (बाराबंकी)। सादुल्लापुर गांव में कथित बाबा भंडारे के नाम नगदी सहित करीब आठ लाख का माल लेकर ढोंगी बाबा रातों-रात फरार हो गए। ग्रामीणों ने मामले की शिकायत पुलिस से करके कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों के मुताबिक पहली नवंबर को दो वाहनों पर सवार होकर आठ बाबा सादुल्लापुर गांव के बाहर स्थित पंचम दास की कुटी पर आकर रुके। ये बाबा अपने आपको श्रीश्री 1008 राजगुरु धर्माचार्य सुख चेतन जी महाराज बताते हुए प्रयागराज से आने की बात कहने लगे।
उन्होंने कहा कि भगवान ने उन्हें स्वप्न में इस कुटी पर भागवत कथा कराने का आदेश दिया है। इसके बाद उन लोगों ने कुटी के आसपास सफाई करके अनुष्ठान शुरू कर दिया। उक्त बाबाओं के पास कथा कहने के लिए लाउडस्पीकर तथा मंच इत्यादि बनाने का सामान भी मौजूद था।
बाबाओं की धार्मिक प्रवृत्त को देखते हुए सैकड़ों ग्रामीण कुटी पर इकट्ठा होने लगे। बाबा द्वारा भागवत कथा के लिए गांव में गिरधारी वर्मा, गुलाबचंद, अनिल, चट्टान सिंह, दिनेश यादव, गुड्डू तथा दिनेश रावत सहित 21 लोगों को यजमान बनाने के नाम पर हजारों रुपये नगद लिए गए।
यही नहीं गांव में कलश यात्रा निकालने के लिए सैकड़ों महिलाओं से नगदी के साथ ही तमाम सामग्री ली गई। बाकायदा कई दिनों तक पंचम दास कुटी पर बाबा और उनके लोगों द्वारा भागवत कथा के साथ ही अनुष्ठान किया जाता रहा।
भागवत के बाद मंगलवार को हवन-पूजन भी किया गया। बुधवार को भव्य भंडारे का आयोजन होना था जिसके लिए बाबा के साथ ही उनके सहयोगियों ने आसपास के कई गांवों में भंडारे का निमंत्रण देते हुए चंदा भी वसूला था।
शाम को जब ग्रामीणों ने भंडारे के लिए आलू काटने की बात कही तो बाबा लोगों ने बताया कि सुबह सब लोग जल्दी आ जाइएगा जिससे भंडारे की तैयारी कर ली जाएगी। इसके बाद रात करीब 10 बजे तक तो बाबा लोग नजर आए।
सुबह जब ग्रामीण कुटी पर पहुंचे तो वहां से भंडारे के लिए इकट्ठा किये गए तमाम सामान के साथ बाबा लोग अपने वाहनों के साथ नदारद मिले, इससे गांव में हड़कंप मच गया। सैकड़ों लोग कुटी पर पहुंचे लेकिन बाबा लोग तो जा चुके थे।
यह देख गांव के कई बुजुर्ग आगे आए और उन्होंने तत्काल भंडारे के लिए गांव से सामग्री इकट्ठा कराकर भंडारा संपन्न कराया। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी आलोक मणि त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है