बाराबंकी। ड्राइविंग लाइसेंस का आवेदन करने वाले करीब चार हजार लोग परेशान हैं। चिप के फेर में इनका लाइसेंस इनके पास नहीं पहुंचा है। पिछले पांच महीने से भटक रहे इन आवेदकों की परेशानी इसलिए बढ़ गई है, क्योंकि चेकिंग के दौरान पुलिस भारी भरकम जुर्माना लगा रही है और चालान भी कर रही है। आवेदकों की ओर से लाइसेंस आवेदन का ऑनलाइन प्रिंटआउट तो दिखाया जाता है, मगर पुलिस इसे नहीं मानती। जबकि रोजाना करीब 100 आवेदन भी आ रहे हैं।
ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदन के बाद आवेदक को निर्धारित तारीख पर एआरटीओ कार्यालय बुलाकर ऑनलाइन फोटो खींची जाती है और कागजी कार्रवाई पूरी की जाती है। ड्राइविंग का टेस्ट लेने के बाद पास हुए आवेदकों का लाइसेंस बनने के लिए एआरटीओ ऑफिस से संस्तुति कर दी जाती है, जिसके बाद स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस लखनऊ से बनकर डाक से आवेदक के पास पहुंचते हैं।
इस स्मार्ट लाइसेंस में एक चिप लगी होती है, मगर बीते नवंबर से लखनऊ में स्मार्ट चिप की कमी है। जिससे टेस्टिंग में पास होने व सारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी आवेदकों के डीएल निर्गत नहीं हो पा रहे हैं। नवंबर से अब तक 3889 आवेदकों को ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिल सका है। ये आवेदक इसके लिए रोजाना एआरटीओ ऑफिस के चक्कर लगा रहे है। यहां पहुंचने पर उन्हें चिप न होने की कमी बताकर वापस कर दिया जाता है।
स्मार्ट चिप की कमी के कारण संस्तुति होने के बाद भी ड्राइविंग लाइसेंस निर्गत नहीं हो पा रहे हैं। इसे लेकर कई बार अधिकारियों को पत्र भी भेजा जा चुका है। लाइसेंस बनने में जिले से कोई समस्या नहीं आ रही है।
- अंकिता शुक्ला, एआरटीओ प्रशासन