बाराबंकी। अपर सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार शुक्ला ने बुधवार को गैर इरादतन हत्या के एक मामले में सगे भाइयों समेत चार अभियुक्तों को सात-सात वर्ष की कैद व आठ-आठ हजार रुपये जुर्माना भुगतने की सजा सुनाई है।
अभियाेजन पक्ष के अनुसार मामला कोतवाली नगर के आलापुर गांव का है। 14 फरवरी 2013 को इश्तियाक अहमद अपनी वेल्डिंग की दुकान पर काम कर रहा था, तभी उसे पता चला कि उसके भाई शमशाद को गांव के ही रहने वाले शहाबुद्दीन, जमाल, सैफू पुत्रगण अब्दुल रऊफ तथा फरीदुद्दीन व जमीलउररहमान आलापुर चौराहे पर होटल के सामने लाठी-डंडों से मारपीट कर रहे हैं। उसका भाई शमशाद सिर में गंभीर चोट आने से बेहोश हो गया था। इश्तियाक व उसके भाई इरशाद ने उस पर पानी की छीटें डालीं लेकिन कोई असर नहीं हुआ। मारपीट का कारण पूछने पर विपक्षीगण आगबबूला हो गए और एकराय होकर इश्तियाक अहमद व उसके भाई इरशाद को भी मारने-पीटने लगे। शोर पर गांव के ही मेराज, उवैद व अन्य लोग पहुंच गए और उन्होंने जान बचाई। घायल शमशाद की 17 फरवरी 2013 को ट्राॅमा सेंटर लखनऊ में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने अभियुक्त शहाबुद्दीन, जमाल, सैफू व जमीलुर्रहमान को गैर इरादतन हत्या में दोषी पाते हुए सात-सात वर्ष की कठोर कैद व आठ-आठ हजार जुर्माना भुगतने की सजा सुनाई। इसके साथ ही आरोपी फरीदुद्दीन के नाबालिग होने के कारण उसका मामला किशोर न्यायालय भेज दिया गया।