बाराबंकी। लखनऊ-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर होटल के बाहर खड़ी कार का शीशा तोड़कर करीब 80 लाख रुपये के जेवरात और नकदी उड़ाने की सनसनीखेज वारदात को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं। सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध दिखने के बावजूद सुराग न मिलना पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा दावों पर सवाल खड़े कर रहा है।
मूल रूप से रामनगर के कटका निवासी इकराम खान वर्तमान में लखनऊ के मुंशी पुलिया स्थित राजीव नगर में रहते हैं। बीते मंगलवार को वह परिवार सहित कार से लखनऊ लौट रहे थे। इसी दौरान कोतवाली नगर क्षेत्र में हाईवे किनारे स्थित संग्रीला ढाबा के बाहर कार खड़ी कर वे घरवालों के साथ खाना खाने गए थे। इसी बीच चोरों ने कार का शीशा तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात व 28 हजार रुपये की नकदी से भरा बैग पार कर दिया था।
वारदात के बाद पुलिस ने जब जांच शुरू की तो सफदरगंज क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप के सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया। इसके अलावा पुलिस ने रामनगर के कटका स्थित सीएनजी पंप के फुटेज भी खंगाले हैं। हाईवे पर हुई इस दुस्साहसिक चोरी से राहगीरों और स्थानीय व्यवसायियों में असुरक्षा की भावना है।
वहीं कोतवाल सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि पुलिस की कई टीमें मामले के खुलासे और चोरों की धरपकड़ के लिए लगातार प्रयास में लगी हैं। फुटेज और अन्य सुरागों पर तेजी से काम किया जा रहा है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा।