बाराबंकी। नामचीन कंपनी गोदरेज ने अपने एक पूर्व अधिकारी और उनकी पत्नी पर करोड़ों के ठेका देने में धांधली और रिश्वतखोरी का आरोप लगाया है। कंपनी ने इस मामलेमें कुर्सी थाने में पूर्व डीजीएम व पत्नी पर केस दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कंपनी के मुंबई स्थित मुख्यालय से जुड़े अधिकारी कमलकांत दास ने एसपी बाराबंकी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि आंध्र प्रदेश निवासी शिव शंकर वर्ष 2010 में गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड में सीनियर एग्जीक्यूटिव प्रोडक्शन के पद पर नियुक्त थे। लंबी सेवा के बाद वर्ष 2014 में उन्हें डिप्टी जनरल मैनेजर प्रोडक्शन बना दिया गया। इस दौरान उन्हें पूंजीगत परियोजनाओं की निगरानी, ठेकेदारों का मूल्यांकन और विभिन्न फैक्ट्रियों के संचालन जैसे काम सौंपे गए थे।
कंपनी का आरोप है कि पद का दुरुपयोग करते हुए शिव शंकर प्रवा ने करोड़ों रुपये के ठेके मनमाने ढंग से एक बाहरी ठेकेदार को आवंटित कर दिए। यह ठेके बाराबंकी के कुर्सी क्षेत्र में स्थित संयंत्र से जुड़े थे। आंतरिक जांच में कंपनी को पता चला कि वर्ष 2021-22 के दौरान ठेकेदार से भुगतान स्वीकृति के बदले पांच लाख की रिश्वत भी ली गई थी। यह धनराशि आरोपी की पत्नी पद्मजा शिव शंकर प्रवा के बैंक खाते में अलग-अलग समय पर जमा कराई गई। आरोपित दंपती इस संबंध में कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए थे।
इसके बाद कंपनी ने 20 दिसंबर 2024 को शिव शंकर प्रभा की सेवाएं समाप्त कर दीं। कंपनी प्रबंधन का आरोप है कि बर्खास्तगी के बाद भी वह अन्य स्थानों पर निविदा प्रक्रिया में धोखाधड़ी और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते रहे। कुर्सी थाने के एसएचओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि दंपती पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।