हैदरगढ़ (बाराबंकी)। परिवहन विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण होली पर घर पहुंचना व वापसी करना यात्रियों पर भारी पड़ा। होली पर अतिरिक्त बस चलाने का विभाग का दावा भी फेल दिखा। अतिरिक्त बस चलाना तो दूर बसों का फेरा तक कम हो जाने से लोगों को मजबूरी में डग्गामार वाहनों के चक्कर में फंस कर जेब ढीली करना पड़ी।
रोजी रोजगार के लिए गैर जिलों व प्रांतो में रह रहे हजारों की संख्या में लोग अपनों के बीच होली की खुशियां मनाने के लिए घर पहुंचे थे। लेकिन परिवहन विभाग की उदासीनता के कारण वापस लौटने के लिए बसों का इंतजाम न होने से उन्हें गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। हाईवे पर पहले से भरी बसों में घुस कर यात्रा करना बच्चों, महिलाओं व वृद्ध जनों के लिए काफी चुनौती भरा दिखा।
कस्बा के मुख्य चौराहे स्थित लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर सुबह से देर शाम तक सैकड़ों की संख्या में यात्री परिवार केे साथ खड़े रहे और बस आने पर दौड़ पड़ते। वहीं रायबरेली डिपो की बस सुबह हैदरगढ़ आकर वापस जाती है, दिन में दूसरा चक्कर हैदरगढ़ से भिटरिया होकर वापस रायबरेली के लिए जाती है। बताते हैं कि बीते तीन दिन से बस के दूसरा चक्कर न लगाने से भिटरिया व रायबरेली, महराजगंज, हलोर जाने वाले यात्रियों को डग्गामार वाहनों के सहारे आवागमन को विवश होना पड़ रहा है। बस स्टेशन से लखनऊ के लिए भी कोई अतिरिक्त बस नहीं चलाई गई। एआएम हैदरगढ़ डिपो जगदीश प्रसाद ने बताया हाईवे से अन्य डिपो की बसें निकलती है। बस स्टेशन कैसरबाग डिपो की तीन बसे लखनऊ से आवागमन में लगी हैं।