बाराबंकी। लखनऊ-अयोध्या नेशनल हाईवे पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। बाराबंकी जिले में एनएच-27 पर एक फ्लाईओवर, दो अंडरपास बनेंगे, वहीं सफदरगंज चौराहे का कायाकल्प किया जाएगा। पुलिस विभाग की रिपोर्ट के बाद एनएचएआई ने इस योजना पर काम शुरू कर दिया है। इस पर करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है।
राजधानी लखनऊ से अयोध्या तक के करीब 137 किलोमीटर लंबे हाईवे का 50 किलोमीटर हिस्सा बाराबंकी जिले में पड़ता है। सफेदाबाद से लेकर रामसनेहीघाट तक का यह मार्ग लगातार हादसों के कारण संवेदनशील होता जा रहा है। भारी ट्रैफिक, तेज रफ्तार और गांवों को जोड़ने वाले कट व संपर्क मार्ग लोगों की जान पर भारी पड़ रहे हैं।
पुलिस के सर्वे में सामने आया कि शहर से करीब छह किलोमीटर दूर स्थित सफेदाबाद कस्बा सबसे अधिक संवेदनशील इलाकों में शामिल है। यहां कई संपर्क मार्ग सीधे हाईवे को काटते हैं। दिनभर भीड़भाड़ और वाहनों का दबाव बना रहता है। हालात ऐसे हैं कि हर महीने यहां आठ से दस बड़े हादसे दर्ज किए जाते हैं।
अब इस इलाके में करीब एक किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा, ताकि स्थानीय और हाईवे ट्रैफिक अलग-अलग हो सके। इसी तरह सफदरगंज क्षेत्र के दादरा गांव के पास और रामसनेहीघाट के दिलोना मोड़ पर भी लगातार हादसे हो रहे हैं। गांवों से आने-जाने वाले लोग हाईवे पार करते समय दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं।
इन दोनों स्थानों पर अंडरपास बनाए जाएंगे, ताकि लोगों को सीधे हाईवे पार न करना पड़े। बड़ा बदलाव सफदरगंज चौराहे पर दिखाई देगा। यह चौराहा लंबे समय से दुर्घटनाओं का हॉटस्पॉट बना हुआ है। यहां अतिक्रमण हटाने के साथ गोल चौराहा और बेहतर ट्रैफिक सिस्टम विकसित किया जाएगा।
हाईवे के इन सभी संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे, जिनसे पुलिस लगातार निगरानी करेगी। एनएचएआई ने पुलिस विभाग को प्रस्ताव मंजूर होने की जानकारी भी दे दी है। (संवाद)
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सुरक्षा के विशेष इंतजाम
नेशनल हाईवे-27 पर एक फ्लाईओवर और दो अंडरपास बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सफदरगंज चौराहे को भी बेहतर बनाया जाएगा। जहां ज्यादा हादसे होते हैं, वहां सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
-अर्पित विजयवर्गीय, एसपी