घाघरा के जल स्तर में बढ़त होने से पानी गांवों में घुसने लगा है। इससे बड़ी संख्या में लोगों ने घरों को छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तरफ जाना शुरू कर दिया है। मवेशियों के साथ ही राशन और अन्य व्यवस्था लेकर अधिकांश ग्रामीणों द्वारा बांध पर शरण ली जा रही है। घरों से सामान लादकर ले जाने के लिए नाव की व्यवस्था नहीं हो पाने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चार दिनों से घाघरा के जलस्तर में लगातार बढ़त जारी है।
बुधवार शाम तक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 11 सेमी ऊपर पहुंचकर भले ही स्थिर हो गया हो लेकिन तराई में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। नदी के खौफ से करीब एक दर्जन गांव के लोगों ने पलायन भी शुरू कर दिया है।
टिकैनगर प्रतिनिधि के अनुसार घाघरा नदी में बढ़ते जलस्तर के साथ अब नदी का पानी क्षेत्र के ग्राम परसावल, रायपुर, नैपुरा आदि गांवों में घुस रहा है। कई घरों के दरवाजे घिर जाने के बाद पानी बढ़ता देख लोग पलायन के लिए मजबूर हो गए हैं।
घाघरा नदी का पानी खतरे का निशान पार चुका है। जिन गांवों के लोग बाढ़ के चपेट में आ सकते वहां के लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। इसके अलावा राजस्व कर्मियों को बाढ़ चौकियों पर मुस्तैद रहने के आदेश दिए गए हैं।
संदीप कुमार गुप्ता, एडीएम