बाराबंकी। नेपाल के बैराजों से पिछले पांच दिनों से लगातार छोड़े गए पानी से सरयू तराई में तांडव मचा रही है। खतरे का निशान पारकर 123 सेंटीमीटर ऊपर पहुंची सरयू में डूबकर एक बालिका की मौत हो गई है। कई जगह तटबंधों में रिसाव से हालात और बिगड़ने लगे हैं।
जिले के तीन तहसीलों की करीब 150 गांवों की दो लाख से अधिक आबादी पर तबाही का मंजर है। खेतों में खड़ी फसल और घर में रखा अनाज सब बर्बाद हो चुका है। बुधवार को रेस्क्यू कर 300 लोगों को तटबंधों पर लाया गया है। हजारों की आबादी अभी भी पानी से घिरे गांवों के घरों में दुबकी हुई है।
तराई में सरयू की बाढ़ का खेल तो महीनों से चल रहा है। मगर अक्तूबर में बारिश और बैराजों से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी ने पांच दिन से बाढ़ पीड़ितों के सामने खाने-पीने और जीने का संकट खड़ा कर दिया है। हालात दिनोंदिन बिगड़ते जा रहे हैं।
बुधवार को चार लाख क्यूसेक पानी और छोड़ा गया। टिकैतनगर क्षेत्र के परसावल में पीने का पानी लेने गई पुत्तीलाल की बेटी चांदनी (12) वापस लौटते समय पैर फिसलने से नदी के गहरे में पानी में डूब गई। आंधे घंटे के बाद परिवारीजनों ने उसके शव को बाहर निकाला।
वहीं मंगलवार रात रामनगर के बडनपुर व सिरौलीगौसपुर के रानीमऊ-तटबंध में रिसाव से बचाव के लिए जब कोई नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने प्रदर्शन शुरू कर दिया। जानकारी होने पर डीएम ने फटकार लगाई तो बाढ़ खंड के अधिकारी बचाव के लिए पहुंचे।
बड़नपुर में ग्रामीण खुद मिट्टी भरी बोरियां डालकर बचाव कार्य में जुट गए। वहीं सात हजार लोगों को शरणास्थल पर रखा गया है। बाढ़ पीड़ितों को भोजन के रूप में उपलब्ध कराए जाने वाले लंच पैकेट भी नाश्ते का काम कर रहे हैं। ऐसे भूखे पेट उनकी परेशानियां और बढ़ती जा रही है।
बाढ़ पीड़ितों से रूबरू हुए जनप्रतिनिधि, बांटी राहत सामग्री
बुधवार को सांसद उपेंद्र रावत, एमएलसी अंगद सिंह व रामनगर विधायक फरीद महफूज किदवई रामनगर क्षेत्र के हेतमापुर में बाढ़ पीड़ितों से मिले और उनको राहत सामग्री सौंपी। उन्होंने भी बाढ़ क्षेत्र का निरीक्षण भी किया। तटबंध का रिसाव देखा। इनके साथ तहसील प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।
राहत सामग्री न मिलने से नाराज ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
टिकैतनगर में लोढेमऊ घाट पर पहुंचे बाढ़ पीड़ितों को खाने-पीने के सामान के साथ ही रोशनी का प्रबंध न होने के कारण भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दो दिन से इसी हालात में किसी तरह गीली लकड़ी और राशन से पेट भरने को मजबूर लोगों की मदद करने को उनके रिश्तेदार जरूर पहुंचे पर प्रशासन की अनदेखी से पीड़ितों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। जानकारी होने पर राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा और डीएम अविनाश कुुमार के हस्तक्षेप के बाद उन्हें लंच पैकेट और तिरपाल वितरित किए गए।