बाराबंकी। जलस्तर कुछ कम होने के साथ ही सरयू ने कटान शुरू कर दी है। नदी का पानी सनावां गांव के निकट तेजी से कटान कर रहा है। इससे गांव के बचे मकानों के भी नदी में समाने का खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वहीं तटबंध पर बसे बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं कम नहीं हो रही हैं।
एल्गिन ब्रिज पर बने कंट्रोल रूम के अनुसार सरयू नदी का जलस्तर कुछ कम होने के बाद भी खतरे के निशान से अभी 25 सेमी. ऊपर है। इससे तराई के लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नही ले रही हैं। तराई करीब 60 गांवों में पानी अभी भी भरा हुआ है। इन गांवों के लोग बांध पर तिरपाल नीचे अपना जीवन यापन कर रहे है। बंधे पर बसे लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उधर नदी का जलस्तर कम होने के साथ भैरवकोल, विहड़ व सनावा गांव के पास कटान तेज हो गई है। इन गांवों के पूरी तरह नदी में समाने का खतरा मंडराने लगा है वहीं खेत नदी की धारा में समा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधूरे पड़े स्परों की बजह से पानी नहीं निकल रहा है।