बाराबंकी। घाघरा की कटान और तेज हो गई है। मंगलवार को पासिन टेपरा गांव के आधा दर्जन मकान और करीब 50 बीघा गन्ने की फसल को नदी की धारा में समा गई। कटान से घबराए ग्रामीण घरों का सामान समेट सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन कर रहे हैं। कटान रोकने के प्रशासन के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। उधर एसडीएम सिरौलीगौसपुर राम नारायण ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित गांवों का जायजा लिया।
नदी की कटान में पासिन टेपरा निवासी अंगनू, पूर्णमासी, पुरत, भुस, सहजराम समेत छह लोगों के मकान समा गए। हालात को देखते हुए गांव के ज्यादातर लोग घरों का सामान लेकर सुरक्षित स्थानों को रवाना हो गए। कई लोग मकान गिराकर ईंट तक एकत्र कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अब तटबंध पर रहने के अलावा कोई सहारा नहीं है। इसके अलावा भैरव कोल, सरायं सुरजन, तेलवारी, गोबरहा आदि के निकट नदी तेजी से कटान कर रही है। कटान की चपेट में आने से सरायं सुरजन निवासी मुरलीधर, पवन, जगदीश प्रसाद, हरिशंकर, बंशीधर और अर्जुन की गन्ने की करीब 50 बीघा फसल बह गई है। ग्रामीणों के मुताबिक अब तक करीब 450 बीघा गन्ने की खड़ी फसल नदी की धारा में समा चुकी है।