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सात गांवों तक पहुंचा घाघरा का पानी

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बाराबंकी। घाघरा का पानी फिर खतरे के निशान को पार कर गया है। इसके साथ ही पानी तराई के सात गांवों तक पहुंच गया है। बाढ़ से कुछ दिन से राहत महसूस कर रहे ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। दो सेमी. प्रतिघंटे की रफ्तार से नदी में पानी बढ़ने से तराई में हड़कंप मचा है।
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बाढ़ कंट्रोल रूम के मुताबिक शुक्रवार को घाघरा का पानी खतरे के निशान 106.076 मीटर से बढ़कर 106.216 (खतरे के निशान से 14 सेमी) ऊपर पहुंच गया है। पानी दो सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। इससे सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के टेपरा, सरायं सुरजन, सनावा, बधौली पुरवा, भौरीकोल, तेलवारी और बीहड़ गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इन गांवों में पिछले दिनों भी पानी घुस गया था। इसके चलते बहुत से ग्रामीण पहले से ही अलीनगर-रानीमऊ तटबंध पर शरण लिए हैं। अभी तक गांवों में रुके परिवारों के सामने भी अपना सामान समेट कर सुरक्षित स्थानों की नौबत आ रही है। गांव के रास्तों पर पानी भर जाने के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन की ओर कोई मदद नहीं मिलने के चलते बाढ़ पीड़ित अपने साधनों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित गांवों के राजेश, जगदीश, भुल्लर, प्रसादी आदि का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ने की रफ्तार को देखते हुए पानी आसपास के कई गांवों को अपनी चपेट में ले सकता है। हालात को देखते हुए अन्य गांवों के लोग भी सर्तक हो गए हैं। वे सुरक्षित स्थानों जाने के लिए अपना सामान समेट रहे हैं। उधर तटबंध पर रह रहे ग्रामीण कई समस्याओं से जूझ रहे हैं।
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