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Barabanki News: पांच हजार किसान तैयार, नई अफीम नीति का इंतजार

Tue, 04 Aug 2026 12:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बाराबंकी
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बाराबंकी। जिले के खेतों में एक बार फिर काला सोना उगाने की तैयारी शुरू हो गई है। देश की सबसे बेहतरीन गुणवत्ता वाली अफीम पैदा करने वाले बाराबंकी के करीब पांच हजार किसान नई अफीम नीति का इंतजार कर रहे हैं। नारकोटिक्स विभाग ने साफ कर दिया है कि नई नीति जारी होने के बाद ही लाइसेंस के लिए आवेदन और नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी। पिछले साल की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में किसानों के आवेदन आने की उम्मीद है।
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सत्र 2025-26 में बाराबंकी डिवीजन के तहत लखनऊ, रायबरेली, अयोध्या, मऊ, गाजीपुर और बाराबंकी के 5029 किसानों को अफीम की खेती का लाइसेंस मिला था। इनमें अकेले 4,854 किसान बाराबंकी के थे। यानी पूरे डिवीजन में जारी हुए लगभग 97 फीसदी लाइसेंस सिर्फ बाराबंकी के किसानों को मिले। जिले में नवाबगंज तहसील अफीम उत्पादन का सबसे बड़ा गढ़ बनी हुई है, जहां 2988 किसानों को लाइसेंस मिला था। हैदरगढ़ तहसील में 1380 किसानों को खेती की अनुमति दी गई थी। पिछली बार करीब सभी किसान लाइलेंस के लिए तैयार हैं।
जिला अफीम अधिकारी केके श्रीवास्तव ने बताया कि अफीम की खेती पूरी तरह केंद्र सरकार की लाइसेंस व्यवस्था के तहत होती है। इसलिए किसान फिलहाल नई नीति जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही नीति आएगी, लाइसेंस प्रक्रिया शुरू होगी।
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इस लिए सबसे खास है बाराबंकी की अफीम
अफीम की कीमत सिर्फ उसकी मात्रा से नहीं बल्कि उसमें मौजूद मार्फीन की प्रतिशतता से तय होती है। जितनी अधिक मार्फीन, उतनी बेहतर गुणवत्ता। पिछले सत्र की जांच में बाराबंकी की अफीम में 12 से 14 प्रतिशत मार्फीन मिली, जो देश में सबसे अधिक है। दूसरी ओर, कई अन्य डिवीजनों की अफीम में मार्फीन की मात्रा 10 प्रतिशत से भी कम रही। यही वजह है कि बाराबंकी की अफीम को नारकोटिक्स विभाग भी उच्च गुणवत्ता वाली श्रेणी में रखता है।
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