सूरतगंज/कोटवाधाम (बाराबंकी)। कई दिनों से तबाही की गाथा लिख रही सरयू नदी का जलस्तर फिर खतरे के निशान को पार करते हुए 25 सेमी ऊपर पहुंच गया है। घटते-बढ़ते जलस्तर के कारण हुई तेज कटान से सरसंडा गांव का पंचायत भवन नदी में समा गया है। केवल एक दीवार बची है।
रामनगर व सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के करीब 50 गांव बाढ़ से घिरे हैं। इनमें नदी के उस पार बसे रामनगर के जमका, परशुरामपुर, खुज्झी समेत पांच गांवों में हालात खराब हैं। यहां कटान हो रही है। नदी के किनारे बसे सरसंडा गांव का पंचायत भवन शुक्रवार शाम नदी में समा गया है। ग्रामीणों ने जल्दबाजी में कंप्यूटर तो बचा लिए, मगर सीपीयू बह गया। जिसमें ग्राम पंचायत के विकास कार्यों का ब्योरा दर्ज था। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रदीप अवस्थी ने बताया कि सरसंडा गांव के रामकिशोर, राहुल, दुर्गेश, रामगोपाल व राजन के घर नदी में समा गए है। उन्होंने बताया कि पंचायत के ही बबुरी गांव के करीब 65 मकान नदी के निशाने पर आ गए है।
कटान राेकने के लिए मिट्टी की बोरियां डाली जा रही हैं। वहीं, नदी का जलस्तर बढ़ने से सिरौलीगौसपुर के सनावा गांव को जाने वाली सड़क डूब गई है। तेलवारी, कहारनपुरवा, गोबरहा, टेपरा, मझारायपुर, नव्वनपुरवा, सनावा, सरदहा, बबुरी, परसा, घुटरू, टटेरवा, मनीरापुरवा, कोठीडीहा, सिरौलीगुंग, भयकपुरवा विहड़, सरायसुर्जन, भैरवकोल, बेहटा, करौनी, पसिनपुरवा, बघौलीपुरवा सहित करीब 35 गांवों में बाढ़ का खतरा बरकरार है। इन गांवों के लोग अलीनगर रानीमऊ तटबंध पर शरण ले रहे हैं।
एसडीएम सिरौलीगौसपुर विश्वमित्र सिंह ने बताया कि बाढ़ चौकी शनिवार को तैयार कर ली जाएगी। डीएम ने बताया कि अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने शुक्रवार को 61 लोगों का इलाज किया।उधर, कहारनपुरवा गांव के पास कटान रोकने के लिए बाढ़ खंड ने बोरियों के जरिए जो बचाव कार्य कराया था, वह डूब गया है। धान व गन्ना की फसल कट रही है।