प्राथमिक विद्यालय में गरमागरम खाना मिलने की लालसा में स्कूल आने वाले बच्चे पांच दिन से भूखे पेट लौट रहे हैं। प्रधानाध्यापक से लेकर पूरा स्टाफ छुट्टी पर है जिस कारण यह नौबत आ रही है। एमपीआरसी को विद्यालय का चार्ज मिला है उसके बाद न तो पढ़ाई हो रही है और न ही खाना बन रहा है।
इससे आजिज होकर छात्रों व अभिभावकों ने मंगलवार को प्रदर्शन करते हुए मामले की शिकायत बीएसए से कर खाना बनाए जाने की मांग की है। विकासखंड मसौली की ग्राम पंचायत हेतमपुर में प्राथमिक विद्यालय है जिसमें कुल 150 बच्चे पंजीकृत हैं।
यहां की प्रधानाचार्या करकशा बानो 15 दिन व सहायक अध्यापक ममता देवी मेडिकल लीव पर वहीं सूफिया बानो 5 दिन से नदारद हैं। विद्यालय में स्टाफ न होने से बच्चे भारी दिक्कतें झेल रहे हैं। एक ओर जहां पांच दिन से बिना खाना खाए लौट रहे हैं वहीं उनकी पढ़ाई भी चौपट हो रही है।
कक्षा पांच के छात्र मो. सुहेल का कहना है कि पांच दिन से कोई पढ़ाने नहीं आ रहा है और न ही खाना बन रहा है। स्कूल की चाभी मेरे पास मैं प्रतिदिन स्कूल खोल देता हूं जो बच्चे आते घूमकर वापस लौट जाते हैं। वहीं कक्षा चार के छात्र अबूहमजा ने बताया कि करीब एक माह से बुधवार को न तो दूध मिल रहा है और न ही फल नसीब हो रहे हैं।
कक्षा पांच की छात्रा रूमा ने बताया कि जब कभी खाना बनता भी है तो कभी मेन्यू के आधार पर नहीं बनता है ज्यादातर खिचड़ी व तहरी ही खानी पड़ती है। वहीं बच्चे दिन भर स्कूल के बाहर तालाब के किनारे खेलते रहते हैं। बच्चों के अभिभावकों ने ग्राम प्रधान राजेंद्र प्रसाद वर्मा की अगुवाई में मंगलवार को स्कूल में प्रदर्शन कर खाना बनाए जाने की मांग की है।