बाराबंकी में सोमवार को एसपी कार्यालय के सामने बंसवाड़ी में आग लगने के बाद आसपास स्थित गन्ना संस्थान कार्यालय में बने आवासों के पास पहुंची आग तो सामान लेकर सुरक्षित स्थान की तरफ भागते लोग।
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कचहरी में आग लगने की घटना से बचाव के लिए करीब एक करोड़ 65 लाख रुपये की लागत से अग्निशमन प्रणाली यंत्र लगवाया गया था। सोमवार को यहां के अधिवक्ता व न्याययिक अधिकारी उस समय बेबस नजर आए जब करोड़ों की लागत से लगा यह अग्निशमन यंत्र फेल हो गया। यहां हर किसी के जुबान पर यही बात थी कि आग बुझाने के लिए खर्च किए गए करोड़ों रुपये भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए हैं।
बताते चले कि बीते साल 2015 में कार्यदायी संस्था पीडब्लूडी लखनऊ की कार्यदायी संस्था के द्वारा यहां पर एक करोड़ 65 लाख रुपये की लागत से अग्निशमन प्रणाली यंत्र लगाया गया था।
जिसका परीक्षण 8 अगस्त 2015 को हुआ था जिसमेें सिस्टम सही पाया गया था। लेकिन सोमवार को हुई आग की घटना के दौरान यह सिस्टम पूरी तरह से फेल होने पर प्रभारी जिला जज एसपी अरविंद ने महानिबंधक हाईकोर्ट इलाहाबाद को पत्र भेजकर कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
वहीं इस मामले में कचहरी के नाजिर अवधेश श्रीवास्तव ने कार्यदायी संस्था के खिलाफ केस दर्ज करा दिया है।