बाराबंकी। सतरिख के हांसेमऊ में नौ अप्रैल को सपा विधायक सुरेश यादव की जनसभा के दौरान फौजी विकासदीप की पिटाई के मामले में आखिरकार शुक्रवार देर रात चौकीदार की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई। एफआईआर में किसी को नामजद नहीं किया गया है। पुलिस वीडियो फुटेज, सर्विलांस और चश्मदीदों के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुट गई है। भाजपा इसे लेकर लगातार सपा पर हमलावर है, वहीं सपा की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
दरियाबाद से विधायक व राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने शुक्रवार को फौजी की पिटाई प्रकरण में सपा पर निशाना साधा था। मंत्री के सक्रिय होने और राजनीतिक बयानबाजी के बीच शुक्रवार को ही देर शाम पुलिस ने हांसेमऊ गांव के चौकीदार की तहरीर पर सतरिख थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जनसभा के दौरान बनाए गए वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ कर आरोपियों की पहचान की जा रही है। सर्विलांस सेल भी सक्रिय हो गई है। कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों की मोबाइल लोकेशन से उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रधानमंत्री पर टिप्पणी से उपजा विवाद
भारतीय सेना में तैनात जवान विकासदीप वर्मा छुट्टी पर हांसेमऊ अपने घर आए हैं। उनके मुताबिक, गांव में सपा से सदर विधायक सुरेश यादव की जनसभा चल रही थी। मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की जा रही थी। इसका विरोध जताने के लिए वह मंच की ओर बढ़े और माइक लेकर अपनी बात कहना चाही। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने उन्हें घेर कर पीट दिया। घटना में जवान के सिर और हाथ में चोटें आईं। उसी शाम फौजी की एक तहरीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिसमें पूरा घटनाक्रम बताया गया। हालांकि, फौजी की ओर से सीधे पुलिस को तहरीर नहीं दी गई थी। 10 अप्रैल को भाजपा एमएलसी अंगद कुमार सिंह, जिलाध्यक्ष राम सिंह वर्मा और पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष सिंह सहित कई भाजपा नेता फौजी से मिलने पहुंचे थे।
अब फौजी और ग्रामीणों के बयान अहम
जांच में घायल फौजी और ग्रामीणों के बयान अहम माने जा रहे हैं। इनके आधार पर नामजद आरोपियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि आरोपियों की पहचान के लिए हर पहलू पर जांच की जा रही है। जल्द ही दोषियों को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही घायल फौजी का विस्तृत बयान भी दर्ज किया जाएगा।