बड्डूपुर (बाराबंकी)। तेज बुखार अब जानलेवा बनता जा रहा है। इसकी चपेट में आकर एक और बालक की जान चली गई, जबकि कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। बुखार से जिले में अब तक तीन लोगाें की मौत हो चुकी है, मगर स्वास्थ्य विभाग इस बीमारी पर रोक लगा पाने में पूरी तरह से नाकाम है। सूचना मिलने के बाद टीमें पहुंचती हैं और औपचारिकता निभाकर लौट आती हैं।
क्षेत्र के सहरी नरपतिपुर गांव निवासी अंशू राज (12) पुत्र शिव गोविंद की तेज बुखार के चलते लखनऊ के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि अंशू करीब एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित था, जिसका निजी चिकित्सक से इलाज कराया जा रहा था। शुक्रवार को हालत बिगड़ने पर लखनऊ स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां पर इलाज के दौरान शनिवार को मौत हो गई।
इसके अलावा क्षेत्र के अटहरा गांव में रोली, रितु, शुभम, सोनाली, अनिल, ज्योति, सुनैना, मोहिनी, नीलम, ममता, अखिलेश, आशीष, पुष्पा देवी, रामेश्वरी, सविता समेत कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। इस बाबत सीएचसी अधीक्षक डॉ. आरपी वर्मा का कहना है कि सहरी नरपतिपुर में बुखार से बालक की मौत होने की जानकारी नहीं है। टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। जिन गांवों में बुखार से लोग बीमार हैं, वहां पर टीमें भेजी जा रही हैं।
झरसवां गांव में 50 लोग पीड़ित
निंदूरा विकास खंड क्षेत्र के सालेहपुर, ओझियापुर, गड़िया, जमुआ, अटहरा के बाद बुखार झरसवां गांव में फैल गया है। गांव में कन्हैयालाल, पारुल, शिवांश, प्रियांशी, आदित्य, अनूप, अंकिता सहित करीब 50 लोग बुखार से पीड़ित हैं। जमुआ में एक सप्ताह में बुखार से दो लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि वर्तमान में राजपति, सुंदर सिंह व रामलखन की पत्नी व बच्चे सहित कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। ग्राम प्रधान महेश गुप्ता ने बताया कि शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम शाम को गांव पहुंची है, जहां पर टीम ने शिविर लगाकर लोगों की जांच की।
शहर में भी कई लोग बुखार की चपेट में
शहर के मोहल्ला लखपेड़ाबाग निवासी राधिका, सोनी, दिव्यांशी, प्रेमा आदि कई दिनों से बुखार से पीड़ित हैं। वहीं प्रज्ञापुरम में राजेश प्रताप, कात्यानी, काव्या, देवकी, लालकोठी के निकट रहने वाले प्रदीप, गोपाल, कैलाश, नमिता, सावित्री आदि बुखार से पीड़ित हैं। इसके अलावा शहर का कोई ऐसा मोहल्ला नहीं, जहां पर लोग बुखार से पीड़ित न हों, लेकिन विभाग इस बीमारी पर रोक लगा पाने में नाकाम है।