बाराबंकी। सफदरगंज थाना क्षेत्र के रामपुर कटरा स्थित निजी अस्पताल में एक बुखार पीड़ित युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही बरतने शव को अमर्यादित तरीके से अस्पताल के बाहर फेंक देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने रोते बिलखते परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को संभाला। परिजनों की तरफ से अस्पताल प्रबंधन व स्टॉफ के खिलाफ सफदरगंज थाने में तहरीर दी गई है।मसौली थाना क्षेत्र के भोहराखुर्द गांव निवासी किसान हरिप्रसाद शुक्ला के इकलौते पुत्र अनुपम शुक्ला (25) को तीन चार दिन से बुखार आ रहा था।
चचेरे भाई रचि ने बताया कि बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे अनुपम को सफदरगंज क्षेत्र के रामपुर कटरा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। भर्ती कराने के घंटे भर बाद अनुपम की मौत हो गईं। परिजनों का कहना है कि मरीज की गंभीर हालत होने के बाद भी अस्पताल में इलाज के लिए कोई चिकित्सक नहीं पहुंचा था।
अस्पताल में मौजूद महिला स्टाॅफ ने इलाज के नाम पर ग्लूकोज चढ़ा कर अनुपम को कुछ दवा देकर इंजेक्शन लगाया। परिजनों ने कहा कि हालत गंभीर होने के बाद भी स्टॉफ ने मरीज को रेफर करना तक उचित नहीं समझा। इसी बीच अनुपम की मौत हो गई। आरोप है कि इसके बाद अस्पताल कर्मियों ने अनुपम का शव खिंचवाकर अस्पताल के बाहर कर दिया। इससे आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर हंगामा करना शुरू कर दिया। वह सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच कर दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे।
सूचना पर पहुंचे सफदरगंज थानाध्यक्ष अमर कुमार चौरसिया ने पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाकर स्थिति को संभाला। थानाध्यक्ष ने परिजनों की तरफ से मिली तहरीर के आधार पर पूरे मामले की जांच शुरू करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
तीन बहनों का इकलौता भाई था अनुपम
पोस्टमार्टम हाउस में परिजनों की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। अनुपम तीन बहनों का इकलौता भाई था और पिता के साथ खेती-बाड़ी में हाथ बंटाता था। इकलौते पुत्र की मौत से माता-पिता गहरे सदमे में हैं। परिवार के साथ ही आस-पास के घरों में भी मातम पसरा है।