बाराबंकी। रोकथाम के तमाम दावों के बाद भी जिले में बुखार का प्रकोप थम नहीं रहा है। गांव से लेकर शहर तक बढ़ रही बुखार पीड़ितों की संख्या के बावजूद स्वास्थ्य विभाग सब कुछ ठीक होने की बात कह रहा है। रोकथाम कार्रवाई के नाम पर हो रही रस्म अदायगी के कारण ही अब तक डेंगू के 18 व मलेरिया के 42 मरीज चिह्नित हो चुके हैं। जबकि जिला अस्पताल व सीएचसी पीएचसी को मिलाकर बुखार पीड़ित भर्ती मरीजों की संख्या भी पांच सौ से अधिक पहुंच गई है।
बुधवार को जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की शासी निकाय की बैठक में बेकाबू होती बुखार पीड़ितों की संख्या पर कड़ी नाराजगी जताते हुए तत्काल रोकथाम के प्रभावी उपाय करने का निर्देश सीएमओ व अन्य जिम्मेदारों को दिया है। बुखार पीड़ितों की बढ़ती संख्या के बावजूद स्वास्थ्य विभाग से लेकर पंचायतीराज और निकायों का संचारी रोग नियंत्रण अभियान ठंडे बस्ते में पड़ा है। स्वास्थ्य महकमे की कार्रवाई सिर्फ गांवों में भ्रमण करने तक ही सीमित है। मच्छरों की रोकथाम के कोई उपाय नहीं किए जा रहे हैं। इसे लेकर बुधवार को डीएम ने बुखार के सर्वाधिक मरीजों वाले फतेहपुर और निंदूरा ब्लॉक के अफसरों को फटकार भी लगाई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग ने स्वीकार किया कि अब तक डेंगू के 18 और मलेरिया के 42 मरीज चिह्नित हो चुके हैं। कहा कि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के हाट स्पॉट वाले इलाकों में विशेष टीम लगाकर एंटीलार्वा का छिड़काव कराया जाए।
जिला अस्पताल में बुधवार को ओपीडी में करीब 1850 मरीजों का पंजीकरण किया गया। पर्चा काउंटर से लेकर मुख्य दरवाजे तक मरीजों की लंबी कतारें लगी रही। पर्चा बनवाने, चिकित्सक को दिखाने और दवा लेने के लिए लोग मशक्कत करते नजर आए। सुधीर, विजय बहादुर, मोहिनी त्रिपाठी, मो. सलीम समेत अन्य को तेज बुखार और प्लेटलेट्स कम होने पर डेंगू वार्ड में भर्ती किया गया। लेकिन बुधवार दोपहर तक इनकी एलाइजा जांच रिपोर्ट नहीं आई। फिजीशियन डॉ. राजेश कुशवाहा ने बताया कि बुधवार को अस्पताल में 1850 मरीजों की ओपीडी रही। बुखार के लगभग 80 मरीज रहे।
मसल्स और ज्वॉइंट्स में पेन, सिर दर्द, बुखार, आंखों में दर्द, चक्कर आना, उल्टी जैसा महसूस होना। घर व आसपास पानी न जमा होने दें। गमलों, कूलर, टायर से पानी निकालतें रहें। पानी की टंकियों को अच्छी तरह ढककर रखें। फुल स्लीव और पैरों को ज्यादा से ज्यादा ढकने वाले कपड़े पहनें। बच्चों को मच्छर से बचाने वाली क्रीम लगाकर ही बाहर भेंजें। डेंगू होने पर ज्यादा से ज्यादा पानी और तरल पेय पदार्थों का सेवन करें।
हल्का और सादा खाना खाएं। डॉक्टर की सलाह लेकर जांच कराएं और दवाइयों का समय पर सेवन करें।