बाराबंकी। हवा में उड़ता गुलाल, चेहरों पर उत्साह और बप्पा के गीतों पर थिरकते कदम... बुधवार को शहर की मुख्य सड़क गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान कुछ ऐसा ही नजारा दिखा। वहीं गोमती नदी व शक्तिधाम तालाब पर मेले जैसा माहौल रहा।
प्रतिमाएं मेटाडोर व छोटा हाथी गाड़ी से घाट तक आई तो कहीं रथों पर सवार मंगलमूर्ति घाट की ओर बढ़ते दिखे। तेज धूप के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। शक्तिधाम तालाब व गोमती नदी में प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
इस दौरान गणपति बप्पा मोरिया, अगली बरस तू जल्दी आना.. गणपति उस पार चले, लेकर सबका प्यार चले...के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। शहर स्थित घंटाघर के समीप विराजे गणपति को बुधवार को रंग गुलाल खेलकर अगले साल वापस आने के वादे के साथ विदा किया गया।
मंगलमूर्ति को गोद में लिए भक्तों ने सैलानी माता मंदिर के समीप गोमती नदी में जल विसर्जन किया। फतेहपुर प्रतिनिधि के अनुसार कस्बे के छह स्थानों पर भगवान गजानन की प्रतिमाएं रखकर उनकी विधिवत पूजा-अर्चना की जा रही थी।
पूजा अर्चना और श्रंगार के बाद बुधवार को निकाली गई विसर्जन यात्रा मेें भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। शोभायात्रा के दौरान चहुंओर गजानन के जयकारों से पूरे नगर का वातावरण भक्तिमय हो गया। एक-एक, दो-दो घोडे वाले रथ में विराजमान भगवान गणेश धीरे धीरे आगे बढ़ते रहे।
शोभायात्रा का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। कहीं फूलों की बौछार तो कहीं गुलाल की बरसात से पूरे नगर में होली जैसा माहौल हो गया। विसर्जन यात्रा निकलने वाले मार्ग में श्रद्धालुओं की पुष्पवर्षा से वातावरण महक उठा। रास्ते में लोगों ने पटाखे भी दगाए और जयकारे लगाए।
वहीं युवतियों व महिलाओं ने भी गुलाल व पुष्पवर्षा खूब डांस किया। शोभायात्रा मुंशीगंज, पटेल चौराहा, बेलहरा चौराहा, जोशी टोला से होते हुए ब्लॉक तिराहे पहुंची। यहां पर दही हांडी तोड़ी गई। इसके बाद शोभायात्रा शक्तिधाम महादेव तालाब पहुंची, घाट पर गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। इस दौरान भक्तों द्वारा लगाए जा रहे मंगलमूर्ति जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। शक्तिधाम तालाब पर मेले जैसा नजारा रहा।