साधन सहकारी समिति उस्मानपुर में सचिव के इंतजार में बैठे किसान। संवाद
बाराबंकी। आलू की बोआई शुरू होने से पहले ही एनपीके के साथ ही डीएपी को लेकर मारामारी शुरू हो गई है। खाद लेने के लिए समितियों पर जा रहे किसानों को मायूस हो लौटना पड़ रहा है। उधर, डीएम के निर्देश के बाद प्री पोजीशनिंग स्टॉक से समितियों को एनपीके व डीएपी का वितरण शुरू करा दिया गया है। समितियों पर सत्यापन व वितरण कराने के लिए लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है। इसी के साथ दो रैक एनपीके की डिमांड भेजी गई है।
गौरतलब है कि जिले में करीब 22 हजार हेक्टेयर भूमि में आलू की खेती की जाती है। ज्यादातर किसान नवंबर में आलू की बोआई शुरू करते हैं लेकिन उस समय दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसलिए किसान अभी से एनपीके के साथ ही डीएपी के लिए समितियों पर पहुंचने लगे हैं।
मांग अधिक और आपूर्ति कम होने की वजह से आधे से ज्यादा समितियों पर खाद की अनुपलब्धता है। जिन समितियों पर खाद है, वहां से सचिव के नदारद होने के चलते किसान निराश होकर लौट रहे हैं। डीएम सत्येंद्र कुमार के निर्देश के बाद प्री पोजीशनिंग स्टॉक से करीब 2975 एमटी एनपीके एवं 1872 एमटी डीएपी का वितरण शुरू किया गया था।
अब तक करीब 68 समितियों पर एनपीके और डीएपी भेजे जाने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में अब प्री पोजीशनिंग स्टॉक में 1725 एमटी एनपीके एवं 1550 एमटी डीएपी ही शेष है। इसका भी वितरण रविवार तक कराने की बात कही जा रही है।
दो रैक एनपीके की मांग की गई है
प्री पोजीशनिंग स्टॉक से समितियों पर खाद का वितरण कराया जा रहा है। जल्द ही सभी समितियों पर खाद मुहैया करा दी जाएगी। दो रैक एनपीके की मांग की गई है जिसमें से एक रैक अगले सप्ताह तक प्राप्त होगी।
- राजितराम, जिला कृषि अधिकारी