नवीनमंडी स्थल में खरीद क्रय केंद्र पर डंप धान की बोरियां।
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एफसीआई के मानकों पर सरकारी चावल खरा नहीं उतरा रहा है। यही कारण है कि अब तक करीब 18 ट्रक चावल वापस किया जा चुका है। एफसीआई द्वारा सरकारी चावल लदे ट्रक वापस करने की वजह से धान खरीद केंद्रों से धान की उठान नहीं हो पा रही है जिससे इसका असर धान की खरीद पर पड़ने लगा है। जगह न होने की बात कहकर क्रय केंद्र प्रभारी किसानों को कई दिनों तक केंद्र पर ही खड़ा रखते हैं जिससे किसान खासे परेशान हैं।
मानकों के विपरीत बताकर सरकारी चावल लदे ट्रकों को वापस करने का यह खेल एफसीआई काफी पुराना है। धान खरीद में हर साल यही समस्या धान बेचने वाले किसानों के परेशानी का सबब बन जाती है।
जिसकी वजह से किसानों को अपना धान औने-पौने दामों पर व्यापारियों और बिचौलियों के हाथों बेचना पड़ता है लेकिन इस समस्या का स्थाई हल आज तक नहीं निकाला जा सका है जबकि यह मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचता है और धान की खरीद बंद होने के साथ यह मुद्दा भी ठंडे बस्ते में चला जाता है लेकिन अधिकारियों की इस लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है।
इस वर्ष भी यही हो रहा है। अब तक करीब 35 हजार एमटी धान की खरीद की जा सकी है। लेकिन एफसीआई ने महज 4 हजार एमटी चावल ही लिया है। जिसमें से 18 ट्रक चावल मानकविहीन बताकर वापस कर दिए। जिसके चलते क्रय केंद्रों से धान की उठान नहीं हो पा रही है।
एफसीआई गोदाम पर जो भी चावल उसके मानकों के अंतर्गत आता है उसे हर हाल में अनलोड कर लिया जाता है। लेकिन जो चावल मानक के अनुरुप नहीं होता है वही ट्रक वापस किए जाते हैं।- विनय कुमार, धान खरीद अधिकारी, एफसीआई
एफसीआई ने अब तक 18 ट्रक सरकारी चावल यह कहकर वापस कर दिया है कि वह मानक के अनुरुप नहीं है। चावल लदे ट्रक वापस होने से मिलर्स क्रय केंद्रों से धान की उठान करने में आनाकानी करने लगे हैं। जिससे इसका असर धान की खरीद पर पड़ने से इंकार नहीं किया जा सकता है। -प्रभाकांत द्विवेदी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी